इन्वेस्टिगेटिव रिपोर्ट

एक विडियो में किया गया चीनी सैनिकों की हरकतों का खुलासा,भारतीय इलाकों में कर रहे थे पेट्रोलिंग, तीखी बहस के बाद पीछे हटे चीनी सैनिक – रविशंकर मिश्र (एडिटर इन आॅपरेशन)


भारतीय जवान (फाईल फोटो)

ईटानगर। देश के अरुणाचल प्रदेश में चीन की तरफ से लगातार उकसाने वाली हरकतों की रिपोर्ट सामने आ रही है, इस दौरान एक रिपोर्ट में दावा किया जा रहा है कि हाल में ही भारतीय सेना का बुम ला दर्रा के पास चीनी सेना के एक पेट्रोल पार्टी से आमना-सामना हुआ था,जहां भारतीय सेना के वरिष्ठ अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद चीनी सेना आन लोकेशन से पीछे हट गई थी। इस घटना का वीडियो भी अब सामने आ चुका है,लेकिन अभी तक इस घटना के संबंध में भारतीय ऐजेंसियों की तरफ से पुष्टि नहीं किया गया है।

दावा है कि इस वीडियो को अरुणाचल प्रदेश के बुम ला दर्रा के पास बनाया गया है,बता दें कि यह वहीं लोकेशन है जहां वर्ष 1962 में भारत और चीन के बीच भीषण युद्ध हुआ था। अब इस इलाके की लगातार निगरानी और सुरक्षा की जिम्मेदारी आईटीबीपी के जवानों के उपर है। वहीं हाल ही में वायरल वीडियो में एक छोटी नदी के एक तरफ भारतीय जवान और दूसरी तरफ चीनी सैनिक खड़े होकर बहस करते दिखाई दे रहे हैं।

इस वीडियो में भारतीय सेना के एक अधिकारी ने चीनी सैनिकों से अंग्रेजी में कहा कि हम यथास्थिति बनाए रखने में विश्वास करते हैं। आप भी वही बनाए रखें। समझे? चीनी सैनिक ने जवाब दिया कि हां, हां मैं समझता हूं,फिर चीनी सैनिक ने कहा कि आपके कमांडर ने कहा कि हम यहां बुम ला तक पहुंच सकते हैं और आप भी यहां पहुंच सकते हैं। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। इस पर भारतीय सैनिक ने कहा कि मैं अपने कमांडर से स्पष्ट करूंगा। हालांकि,यह वीडियो कब का है ? इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है,लेकिन दावा है कि यह वीडियो हाल ही में बनाया गया है।

इसी कड़ी में चीन की एक और हरकत सामने आई है, जिसमें बताया जा रहा है कि पूर्वी लद्दाख के आसपास कई आधुनिक गांवों का भी निर्माण भी किया गया है। बार्डर पर जारी लगातार तनाव के चलते चीन के आम नागरिक इन गांवों में रहने से कतरा रहे हैं,लेकिन कहा जा रहा है कि चीन इन नागरिकों को कई तरह के लालच देकर यहां बसने के लिए प्रेरित कर रहा है। अभी हाल ही में एक अमेरिकी रिपोर्ट में भी चीन के इन हरकतों का उल्लेख किया गया था।

वहीं एक अन्य रिपोर्ट में दावा किया गया है कि चीन द्वारा बसाये गए ये गांव काफी दूर दराज के इलाके में बनाए गए हैं। इसके अलावा यहां मौसम भी लोगों के रहने के लिए अनुकूल नहीं है। ऐसे में चीन लोगों को लुभाने के लिए सड़कों,पानी,बिजली और कम्यूनिकेशन नेटवर्क को लोभ दिखा रहा है। इन लोगों को मुफ्त में उच्च गुणवत्ता वाले बुनियादी ढांचे को देने का ऑफर भी दिया जा रहा है। वहीं भारतीय ऐजेंसियों का कहना है कि चीन LAC के साथ 600 से अधिक ऐसे गांवों का निर्माण कर रहा है,जहां पर वह अपने नागरिकों को बसा सकें, फिलहाल बार्डर एरिया में दोनों देशों के बीच जारी तनाव के दौरान कोई भी आम नागरिक बसने के लिए तैयार नहीं है,जिस वजह से चीन की यह योजना बेकार साबित होने के कगार पर है, लेकिन फिर भी चीन की अब भी पूरी कोशिश है कि इन इलाकों में वो अपने नागरिकों बसायेगा।

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