
श्रीनगर। घाटी के सीमावर्ती पुंछ और राजौरी जिलों के जंगलों में इंडियन आर्मी आतंकियों की धड़-पकड़ के लिए सर्च आॅपरेशन बहुत सघनता से चला रही है। इस तलाशी अभियान के दौरान सुरक्षाबलों के हत्थे तीन लोग चढ़ गए हैं,जिनको डिटेन कर इनसे पूछताछ की जा रही हैं। बताते चले कि इन जिलों में पिछले हफ्ते से लेकर अब तक आतंकवादियों के साथ दो अलग-अलग एंकाउटर में भारतीय सेना के 9 सैनिक मारे गए हैं।

बताया जा रहा है कि जम्मू कश्मीर के सीमावर्ती पुंछ और राजौरी जिलों के जंगलों में चल रहे भारतीय सेना की तरफ से जारी तलाशी अभियान के दौरान मां-बेटे समेत तीन लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। इन जिलों में पिछले हफ्ते से लेकर अब तक आतंकवादियों के साथ दो अलग-अलग शूट आउट में सेना के नौ सैनिक मारे गए थे।

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक 45 वर्षीय महिला और उसके बेटे के साथ एक व्यक्ति को आतंकवादियों को साजोसामान संबंधी सहयोग देने के संदेह पर पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। ये सभी भट्टा दरियां वन्य क्षेत्र के रहने वाले हैं। उन्होंने बताया कि यह जांच की जानी है कि क्या उन्होंने आतंकवादियों को अपनी इच्छा से भोजन और रहने की जगह दी या बंदूक के डर से। अधिकारियों ने बताया कि यह इलाका पर्वतीय है और जंगल घना है जिससे तलाशी अभियान मुश्किल और खतरनाक हो गया है। अभी तक इस क्षेत्र में छिपे आतंकवादियों से सिर्फ तीन बार हीं भारतीय सेना का सामना हुआ है।

एक अन्य रिपोर्ट के अनुसार पहली बार पुंछ के सुरनकोट में 11 अक्टूबर को और उसके बाद उसी दिन राजौरी जिले में थानामंडी जंगल में सुरक्षाबलों तथा आतंकवदियों के बीच मुठभेड़ हुई लेकिन दोनों ही मुठभेड़ों में आतंकवादी फरार होने में सफल रहे,तीसरी मुठभेड़ गुरुवार शाम को पुंछ के मेंढर इलाके में नर खास जंगल में हुई।

इसी क्रम में राजौरी-पुंछ रेंज के कश्मीर पुलिस के DIG विवेक गुप्ता ने शनिवार को बताया था कि पुंछ और राजौरी को जोड़ने वाले वन्य क्षेत्र में आतंकवादियों की मौजूदगी ढाई महीने पहले देखी गयी थी और उनका पता लगाने के लिए कई तरह के सर्च आॅपरेशन चलाये गए थे लेकिन इलाके की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए इस तरह के अभियानों में कई तरह की मुश्किलों का सामना करना पड़ता है खुफिया सूचना के आधार पर इस हफ्ते तीन बार आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ हुई।’’

इसी क्रम में उन्होंने आगे बताया कि आतंकवादी छिपे हुए हैं और ज्वाइंट आपरेशन की फोर्स इस आपरेशन को सकारात्मक परिणाम तक लेकर जायेगी। सेना के अधिकारियों ने बताया कि मेंढर से थानामंडी तक के पूरे वन क्षेत्र की कड़ी घेराबंदी कर दी गयी है और आतंकवादियों का पता लगाने के लिए व्यापक तलाशी अभियान चलाया गया है। भारतीय ऐजेंसियों को अंदेशा है कि ये आतंकवादी सुरक्षाबलों की घेराबंदी से बचने के लिए अपने ठिकानों को लगातार बदल रहे हैं।

वहीं सेना ने पैरा कमांडो को एडवांस फोर्स के रूप में तैनात कर दिया है और शनिवार को निगरानी के लिए जंगलों के उपर सेना के एक हेलीकॉप्टर को भी सर्च आपरेशन में सहयोग करने के लिए लगाया गया है जो कि इस जंगल के उपर लगातार चक्कर काट रहा है। इस तलाशी अभियान के कारण जम्मू-राजौरी राजमार्ग पर मेंढर और थानामंडी के बीच यातायात रविवार को तीसरे दिन भी निलंबित रखा गया है।
