इन्वेस्टिगेटिव रिपोर्ट

रुसी सैनिकों की एक और क्रूरता की रिपोर्ट आई सामने, 23 साल की लड़की के साथ पहले रेप फिर उसके नाखून उखाड़े, शरीर के हर हिस्से पर गहरे जख्म के निशान,फिर सिर में मारी गई गोली – चंद्रकांत मिश्र/राकेश पांडेय


सांकेतिक तस्वीर।

कीव/मॉस्को। रूस-यूक्रेन के जंग के बीच अब हैवानियत की हदों को पार करने वाली रिपोर्ट सामने आने लगी है,बता दें कि जिस तरह की रिपोर्ट आ रही है,दिल दिमाग बैठ जा रहा है, विश्वास हीं नहीं हो रहा है कि हम 21वीं सदी में है। इन घटनाओं ने एक बार फिर साबित कर दिया कि जिन घटनाओं को हम इतिहास में पढ़ते थे आज वह हमारे सामने घटित हो रही है। रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि व्लादिमीर पुतिन के सैनिकों ने 23 साल की यूक्रेनी महिला करीना येर्शोवा के साथ दुष्कर्म किया फिर,उसके सिर में गोली मारी,यहीं नहीं मृतका के पूरे शरीर पर जख्म के निशान थे और उसकी आंखों में आंसू भी भरे थे। यहीं नहीं मृतका के पिता ने यहां तक दावा किया कि रूसी सैनिकों की यातना के कारण मेरी बेटी का शरीर क्षत-विक्षत मिला था और उसकी उंगलियों से नाखून तक उखाड़ दिए गए थे।

इसी बीच मृतका के पिता ने सामने आकर बताया कि रूसी सैनिकों ने उसके बेटी के साथ बहुत बर्बरता की है। वह अपनी तरफ से उनसे लड़ने की पूरी कोशिश की लेकिन वह अपने आपको नहीं बचा पायी। इस महिला का मृत शरीर यूक्रेन के बूचा शहर में पाया गया था। बताते चले कि रूसी सेना पर बूचा शहर में नरसंहार करने के आरोप लगे थे। दावा किया गया था कि रूसी सेना की वापसी के बाद इस शहर से 400 शव बरामद किए गए थे। ये शव सड़कों, बिल्डिंगों के अलावा सामूहिक कब्रों में मिले थे।

इसी कड़ी में मृतका के पिता ने आगे भी कहा कि रूसी सैनिकों ने उसकी बेटी के सिर में गोली मारी थी। जिससे उसके सिर का आधा हिस्सा गायब था। परिवार ने बिला त्सेरकवा शहर में अपनी बेटी के लिए एक अंतिम संस्कार समारोह आयोजित किया था। अपनी इकलौती बेटी के ताबूत को देख मां बेहोश हो गई। वहां मौजूद परिवार के बाकी सदस्यों ने मां को संभाला और अंतिम संस्कार किया। मां अपनी बेटी के कटे-फटे शरीर को देखने के लिए ताबूत खोलने की जिद कर रही थी,लेकिन परिवार के लोगों ने ऐसा करने से मना कर दिया।

बताया जा रहा है कि मृतका का परिवार पूर्वी यूक्रेन के डोनेट्स्क इलाके का रहने वाला था। लेकिन, 2014 में मास्को समर्थक अलगाववादियों और यूक्रेनी सेना के बीच जंग के कारण 2014 में वे डोनेट्स्क छोड़कर बूचा में आकर बस गए थे। रूसी भाषा बोलने वाले परिवार ने कहा कि वे अब रूस से ‘नफरत’ करते हैं क्योंकि व्लादिमीर पुतिन के शासन ने उनके जीवन को दो बार तहस-नहस किया है।

इसी बीच एक और हैरान कर देने वाली रिपोर्ट सामने आई है जिसमें यूक्रेन के ह्यूमन राइट अधिकारी ल्यूडमिला डेनिसोवा के हवाले से दावा किया गया है कि वे ऐसे मामलों की सूची बना रहीं हैं। ल्यूडमिला ने आगे भी कहा कि बुचा में 14 से 24 साल की 25 से ज्यादा लड़कियों और महिलाओं के साथ हैवानियत की गई। इनमें से 9 महिलाएं गर्भवती हैं।

इसी से जुड़ी एक अन्य रिपोर्ट में घोर हैरानी भरा खुलासा सामने आया है जिसमें कहा जा रहा है कि यूक्रेन से जान बचाकर दूसरे देश में शरण लेने वाली महिलाओं और लड़कियों के साथ दरिंदगी होने की भी खबरें आ रही हैं। रूस के हमला करने से लेकर अब तक 40 लाख से ज्यादा लोगों ने यूक्रेन छोड़कर भाग गए हैं। इनमें सबसे अधिकांश संख्या महिलाओं और बच्चों की है। अब यूक्रेन के शरणार्थी बच्चे और महिलाएं तस्करी और सेक्शुअल अटैक के शिकार हो रहे हैं।

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