
यूक्रेन में रूसी हमलें के दौरान (सांकेतिक तस्वीर)
कीव/मॉस्को। रूस-यूक्रेन के बीच जारी भीषण लड़ाई का आज 55वां दिन बीत चला है लेकिन परिणाम अभी भी वही है जो पहले था यानि बिना किसी खास सफलता के रूसी फौज अभी भी यूक्रेन के कई हिस्सों पर भीषण बमबारी को जारी रखे हुए है। इसी बीच यूक्रेन के इंटेलीजेंस चीफ के हवाले से एक दावा सामने आया है जिसमें बताया गया है कि रूसी सेना ने क्रीमिया में परमाणु बमों को स्टोर करना शुरू कर चुकी है,जबकि यहीं यूक्रेन के इंटेलीजेंस चीफ कल तक दुनिया के तमाम ऐजेंसियों के दावें के उलट कह रहे थे कि रुस परमाणु हमला नहीं करेगा। दरअसल,ब्लैक सी में जबसे रूसी युद्धपोत को टारगेट किया गया है तभी से रूस एकदम बौखलाहट में है।
वहीं अब खबर आ रही है कि रूसी सेना ने कई दिनों की तैयारियों के बाद आखिरकार अपने सैन्य अभियान के नए चरण की यूक्रेन के पूर्वी इलाके में शुरुआत कर दी है। जहां 480 किलोमीटर तक फैले मोर्चे पर रूसी सेना ने एक साथ हमले शुरू किए हैं। बीते कई दिनों से इसके लिए सैनिकों और हथियारों को संगठित करने से जुड़ी खबरें आ रही थीं।
इधर,यूक्रेनी सेना की तरफ से दावा किया जा रहा है कि रूसी सेना का लक्ष्य दोनेत्स्क और लुहांस्क के इलाके में अपना पूर्ण नियंत्रण स्थापित करना है। वहीं रूस के विदेश मंत्री सर्गेइ लावरोव ने भी मंगलवार को कहा कि उनका देश यूक्रेन में विशेष सैन्य अभियान का नया चरण शुरू कर रहा है। लावरोव ने इसमें विशेष प्रगति होने की उम्मीद जताई है।
चूंकि,लावरोव का कहना है, “(पूर्वी यूक्रेन में) इस अभियान का अगला चरण शुरू हो रहा है और मुझे यकीन है कि यह पूरे विशेष अभियान का बहुत खास क्षण होगा” सैन्य अभियान का नया चरण यूक्रेनी सेना की तरफ से जारी बयान में कहा गया है, “सोमवार को युद्ध के नए दौर की शुरुआत हुई है जब कब्जा करने वालों ने दोनेत्स्क, लुहांस्क और खारकीव के इलाके में हमारी लगभग पूरी रक्षा पंक्ति को तोड़ने की कोशिश की है”।
उधर,मंगलवार सुबह जारी यूक्रेनियन सेना के बयान में कहा गया है, “रूसी सेना मारियोपोल की घेराबंदी और उस पर गोलाबारी जारी रखी है साथ ही दूसरे शहरों पर मिसाइल हमले भी किए जा रहे हैं” यूक्रेनी सेना ने आगे यह भी बताया है कि क्रेमिन्ना की सड़कों पर लड़ाई चल रही है और इसलिए वहां से लोगों को निकालना संभव नहीं है।
बता दें कि सुरक्षित रहे लवीव और यूक्रेन के दूसरे शहरों पर भी हमले तेज किए हैं। ऐसा लग रहा है कि वो यूक्रेन की रक्षापंक्ति को पूरी तरह तोड़ देना चाहते हैं। रूस के सीमावर्ती इलाकों में हमला रूस ने कहा है कि उसकी मिसाइलों ने 20 से ज्यादा सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है जिसमें हथियार डिपो,कमांड हैडक्वार्टर,सैनिकों के समूह,गाड़ियां भी शामिल हैं। इसी कड़ी में रूसी सेना का यह भी कहना है कि उसके तोपखाने ने 315 अतिरिक्त हमले किए हैं और विमानों ने 108 हमले किए हैं।
इसी बीच खारकीव के सेंटर और बाहरी इलाकों पर हुए रॉकेटों से हमले में 17 दूसरे नागरिक घायल भी हुए हैं। यूक्रेन का दूसरा सबसे बड़ा शहर खारकीव 24 फरवरी को शुरू हुए आक्रमण के बाद से ही हमले झेल रहा है। रूस ने यूक्रेनी सैनिकों से समर्पण करने को कहा रूसी सेना ने मारियोपोल की रक्षा में जुटे यूक्रेनी लोगों से कहा है कि वो हथियार डाल दें। रूसी कर्नल मिखाइल मिजिंत्सेव ने विशाल अजोव्स्ताल स्टील प्लांट की रूसी घेराबंदी में फंसे यूक्रेन सैनिकों को मंगलवार सुबह 9 बजे तक का समय समर्पण के लिए दिया था,वहीं यूक्रेन की तरफ से यह भी साफ किया गया कि मारियुपोल में स्थिति भलें हीं थोड़ी विपरीत है लेकिन जल्द ही परिणाम हमारे पक्ष में होगा।
इस दौरान यह भी रिपोर्ट सामने आई है जिसमें बताया गया है कि ओजोव्स्ताल प्लांट करीब 11 वर्ग किलोमीटर में फैला है और यह मारियोपोल के उन आखिरी इलाकों में है जहां रूसी सेना को अब भी प्रतिरोध का सामना करना पड़ रहा है। रूस ने इस स्टील प्लांट पर बंकर तोड़ने वाले बम गिराने शुरू कर दिए हैं। नेशनल गार्ड के अजोव रेजिमेंट के कमांडर ने सोमवार को यह जानकारी दी कि रूसी फौज ने पूरे इलाके को घेर रखा है लेकिन यूक्रेनी सैनिक समर्पण करने को तैयार नहीं हैं। वहीं रूसी सैना का अनुमान है कि वहां करीब 2500 यूक्रेनी सैनिक और 400 विदेशी लड़ाके डटे हुए हैं। इसी कड़ी में अमेरिका ने साफ किया कि रूसी सेना के करीब दर्जन भर बटालियन इस जगह पर नियंत्रण की कोशिशों में लगे हुए हैं। इस प्लांट में सैनिकों के अलावा बच्चों समेत बड़ी संख्या में आम लोग भी छिपे हुए हैं। डोनबास इलाके में रूस समर्थित अलगाववादियों ने मंगलवार को कहा कि बम और तोपों से हमला करने के बाद एक हमलावर दस्ता ओजोव्स्ताल की ओर बढ़ रहा है जो यूक्रेनी सैनिकों को वहां से हटा देगा।
इधर,रूस के तेल टैंकर को ग्रीस के अधिकारियों द्वारा जब्त करने की भी खबरें आ रही है,बताया जा रहा है कि 115,000 टन वजनी पेगास तुर्की के मारमरा टर्मिनल जा रहा था लेकिन इसे एविया आइलैंड के दक्षिण में कारिस्तोस बंदरगाह पर रखा गया है। तो वहीं तटरक्षक बल की तरफ से कहा गया है कि टैंकर को 15 अप्रैल को यूरोपीय संघ के प्रतिबंधों के तहत जब्त किया गया है। बता दें कि इस पर 19 रूसी सवार थे। दरअसल,यूरोपीय संघ के प्रतिबंधों में कई चीजों के आयात-निर्यात के साथ ही रूसी जहाजों को यूरोपीय संघ के बंदरगाहों से भी प्रतिबंधित कर दिया गया है।
वहीं इन सबके बीच बेहद हैरान करने वाली खबर आ रही है कि जापान परमाणु हमलें से बचने के लिए यूक्रेन को गैस मास्क,हजमत सूट और ड्रोन भेज रहा है ताकि वह रूसी परमाणु हमले के खिलाफ अपने देश की रक्षा कर सके। कहा जा रहा है कि यूक्रेन के अनुरोध पर जापान रासायनिक हथियारों से लड़ने वाले साजो सामान भेज रहा है। क्योंकि पिछले महीने भी जापान ने यूक्रेन को बुलेटप्रूफ जैकेट, हेलमेट और गैर-घातक हथियार भेजे थे। जबकि जापान युद्ध लड़ रहे देशों को अपने हथियार नहीं देता लेकिन यूक्रेन को यह कह कर कर अपवाद में शामिल किया गया है कि उस पर रूस ने हमला किया है। हालांकि जापान में इसके खिलाफ विरोध के स्वर भी सुनाई पड़े हैं। बताते चले कि जापान का संविधान किसी भी रूप में युद्ध को बढ़ावा देने से सरकार को रोकता है।
