
नई दिल्ली । अमेरिकी खुफिया एजेंसी के पूर्व डायरेक्टर रहे हैं माइकल मोरेल ने अफगानिस्तान के ताजा हालात पर तालिबान को लेकर अपनी बात रखी है। उन्होंने कहा है कि उन्हें पूरा भरोसा है कि तालिबान अल-कायदा को बुलाकर अफगानिस्तान में उसे पनाह देगा।
इसी कड़ी में उन्होंनें कहा कि तालिबान अल-कायदा को सुरक्षित पनाह देगा और अल-कायदा फिर से खुद को मजबूत करेगी ताकि हम पर हमला कर सके।’
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मोरेल ने बताया है कि आतंकवाद विरोध कोशिशें एक पैटर्न में होती हैं जिसे एक केंद्रित प्रयास से उनकी क्षमताओं को आसानी से कम किया जा सकता है। लेकिन जब भी फोकस कमजोर होता है तो वह आसानी से पुनर्निर्माण में लग जाते हैं। 
उन्होंने आगे बताया है कि अल-कायदा अगर अफगानिस्तान में सुरक्षित ठिकाना स्थापित करता है तो खुफिया जानकारी जमा करना मुश्किल हो सकता है। ऐसे में उन पर कारवाई करने में भी दिक्कतें आ सकती हैं।
दुनियाभर के एक्सपर्ट्स और एनालिस्ट्स का मानना है कि अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे के बाद से अफगानिस्तान की जमीन का इस्तेमाल का दुनियाभर में आतंक फैलाने में किया जा सकता है।
बताते चले कि अफगानिस्तान में तालिबान के अलावा अल-कायदा, ईस्ट तुर्कमेनिस्तान इस्लामिक मूवमेंट, हक्कानी नेटवर्क, इस्लामिक स्टेट ऑफ खोरासन, तहरीक-ए-तालिबान-पाकिस्तान, जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा जैसे संगठन सक्रिय रहे हैं।
ऐसे में आने वाले समय में अफगानिस्तान पूरी दुनिया के सभी आतंकी संगठनों का एक सुरक्षित ठिकाना बनेगा और पूरी दुनिया आतंकवाद से प्रभावित रहेगी।
