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उत्तर कोरिया ने यूक्रेन के खिलाफ युद्ध में रूस का साथ देने पर छह महीने बाद चुप्पी तोड़ी

प्योंगयांग, 28 अप्रैल(हि.स.)। उत्तर कोरिया ने यूक्रेन के खिलाफ युद्ध में रूस का साथ देने की वैश्विक चिंताओं के बीच आज लगभग छह महीने बाद चुप्पी तोड़ी। उत्तर कोरिया ने आधिकारिक रूप से स्वीकार किया कि यूक्रेन में रूस के युद्ध का समर्थन करने के लिए उसने अपनी सेना की तैनाती की। इस बीच रूस ने दावा किया है कि द्वितीय विश्व युद्ध की समाप्ति की 80वीं वर्षगांठ से पहले यूक्रेन में युद्ध के मैदान पर मास्को को निर्णायक बढ़त मिल जाएगी।

द कोरिया हेराल्ड अखबार की खबर के अनुसार प्योंगयांग की घोषणा का उद्देश्य बाहरी रूप से पारस्परिक प्रतिबद्धताओं को सुरक्षित करना है। साथ ही उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग-उन का रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का मजबूत समर्थन हासिल करना है। हालांकि, विशेषज्ञ इस बात से सहमत हैं कि किम के रूस के 9 मई के विजय दिवस समारोह में शामिल होने की संभावना कम ही है। महत्वपूर्ण बात यह है कि यह घोषणा उत्तर कोरिया और रूस के बीच दीर्घकालिक सैन्य गठबंधन को बनाने की क्षमता का भी संकेत देता है।

उत्तर कोरिया की रविवार को गई इस घोषणा को आज वर्कर्स पार्टी ऑफ कोरिया के केंद्रीय सैन्य आयोग ने लिखित बयान के रूप में जारी किया है। आई। इसे सरकारी कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी ने आज प्रमुखता से प्रसारित किया है। इससे पहले यह घोषणा उत्तर कोरिया की सत्तारूढ वर्कर्स पार्टी ऑफ कोरिया के आंतरिक समाचार पत्र रोडोंग सिनमुन के पहले पन्ने की सुर्खी बनी। रोडोंग सिनमुन की खबर के अनुसार, देश के सैनिकों ने उत्तर कोरिया के नेता के आदेश पर रूस के ‘कुर्स्क क्षेत्र के मुक्ति अभियान’ में हिस्सा लिया। उत्तर कोरिया के सैनिकों ने यूक्रेनी बलों को नष्ट करने और रूसी क्षेत्र को मुक्त करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

कोरियाई भाषा में जारी बयान में कहा गया, ‘ऐसे जांबाज सैनिकों का होना उत्तर कोरिया के लिए गौरव की बात है। इस बीच रूस के राष्ट्रपति पुतिन ने बयान जारी करके उत्तर कोरियाई सैनिकों की प्रशंसा की।

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