
पुतिन रूसी सैन्य अधिकारियों के साथ (फाईल फोटो)
मॉस्को/कीव। पिछले 47 दिनों से अधिक समय बीत जाने के बाद भी जब रूसी फौज यूक्रेन में अपने आॅपरेशन को पूरा करने में सफल नहीं हो सकी तो,इंटेलीजेंस लीक की जांच शुरु की गई,जहां पर रूसी खुफिया ऐजेंसी के हीं 150 सीक्रेट ऐजेंट गद्दार साबित हुए,जिन्हें राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन बर्खास्त कर दिया है। यही नहीं कई जासूसों को जेल भेज दिया है। वहीं कुछ अन्य मीडिया रिपोर्ट्स के हवाले से बताया जा रहा है कि ये सभी जासूस रूस की बदनाम खुफिया एजेंसी एफएसबी के थे जिसे सोवियत संघ के जमाने की जासूसी एजेंसी केजीबी की जगह पर बनाया गया है। और अब कई एफएसबी जासूसों को जेल भेज दिया गया है।
बताते चले कि पुतिन ने जिन जासूसों को रूसी खुफिया ऐजेंसी से बाहर किये है,वे सभी पांचवीं सर्विस के बताए जा रहे हैं। मालूम हो कि इस डिविजन का गठन 1998 में किया गया था जब पुतिन एफएसबी के डायरेक्टर थे। इस डिविजन का काम पूर्व सोवियत संघ के देशों के अंदर जासूसी करना था। बताया जा रहा है कि 5वीं सर्विस के प्रमुख 68 वर्षीय कर्नल जनरल सर्गेई बेसेदा उन लोगों में शामिल हैं जिन्हें नजरबंद किया गया है। उन्हें अब कुख्यात यातना जेल लेफोर्टोवो में रखा गया है। दावा किया जा रहा है कि यूक्रेन में खुफिया असफलता के लिए उनके खिलाफ सुनवाई हो सकती है।
वहीं एक अन्य रिपोर्ट के अनुसार बताया जा रहा है कि इन जासूसों को रूस के हमले से ठीक पहले यूक्रेन के हालात की रूसी राष्ट्रपति कार्यालय को झूठी सूचना देने पर ऐजेंसी से बाहर किया गया है। इस दौरान कुछ जासूसों को गिरफ्तार भी किये जाने की रिपोर्ट सामने आई है। दरअसल,बीते 24 फरवरी से पहले पुतिन को खुफिया ऐजेंसियों की ओर से यह बताया गया था कि अगर रूसी सेना हमला करती है तो बड़ी संख्या में यूक्रेन के लोग उनका स्वागत करेंगे। इससे जल्दी जीत हासिल होगी।
लेकिन हुआ इसका उल्टा जिससे हजारों की तादाद में रूसी सैनिक मारे गए हैं और 47 दिन से ज्यादा का समय बीत चुका है लेकिन कोई सफलता नहीं मिली है। उधर,यूक्रेन के राष्ट्रपति का दावा है कि करीब 20 हजार रूसी सैनिक अब तक इस जंग में मारे जा चुके हैं। माना जा रहा है कि इन जासूसों को हटाए जाने के बाद अब अन्य वरिष्ठ रूसी अधिकारियों पर पुतिन की गाज गिर सकती है। इसी कड़ी में यह भी दावा किया गया है कि पुतिन को यह भी अंदेशा है कि उनके यूक्रेन पर हमले की योजना की इंटेलीजेंस को दुश्मन को लीक किया गया है।
गौरतलब है कि बीते 24 फरवरी को रूस ने यूक्रेन के खिलाफ युद्ध छेड़ा हुआ है,इस दौरान रूसी फौज पूरे यूक्रेन में भारी तबाही मचाई हुई है,जिससे दहशत में यूक्रेन के करीब 45 लाख से अधिक सीविलियन देश छोड़कर देश से बाहर पड़ोसी देशों में शरण ले रखे हैं, तो भारी संख्या में यूक्रेन के सैनिकों के साथ साथ भारी संख्या में यूक्रेन के आम नागरिक भी मारे जा चुके हैं,जिनमें महिलाएं व बच्चे भी शामिल है,हालांकि इस दौरान यूक्रेन के काउंटर अटैक में भी रूस को भारी नुकसान पहुंचा है, और अभी तक रूसी फौज अपने आॅपरेशन में सफल नहीं हो सकी है,जिसके चलते रुसी राष्ट्रपति पुतिन ने एक गोपनीय जांच का आदेश दिया,जहां पर जांच के दौरान यह रिपोर्ट सामने आई कि रूस की खुफिया ऐजेंसी ने ठीक से अपना काम नहीं किया,इस ऐजेंसी ने झूठी व भ्रामक इंटेलीजेंस रिपोर्ट दी जिसकी वजह से रूस का मिलीट्री आॅपरेशन प्रभावित हुआ और अभी तक पूरा भी नहीं हुआ,वहीं इसी कड़ी में कुछ अन्य दावें भी सामने आये हैं जिनमें कहा गया है कि रूस की खुफिया ऐजेंसी की तरफ से दुश्मन को इंटेलीजेंस लीक किया जा रहा था,फ़िलहाल 150 रुसी जासूसों को ऐजेंसी से बाहर कर दिया गया है वही कुछ जासूसों को रूस की खतरनाक जेलों में बंद कर दिया गया है।
