
तालिबानी आतंकी (फाईल फोटो)
काबुल। पाकिस्तानी सेना अपने हरकतों को अंजाम देने के लिए किसी भी हद तक जा सकती है,फिर चाहे उसका कोई दोस्त हो या दुश्मन,क्या फर्क पड़ता है ? अफगानिस्तान के निमरोज प्रांत में पाकिस्तानी सेना द्वारा कराई जा रही बाड़बंदी व सैन्य चौकी निर्माण को अफगानिस्तान के शासक तालिबान द्वारा तत्काल रूकवा दिया गया है। सीमावर्ती जिले में रहने वाले प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि पाकिस्तानी सेना अफगानिस्तान सीमा में 15 किलोमीटर भीतर घुस आई थी और निर्माण कार्य करवा रही थी। वहीं इस कड़ी में एक अन्य रिपोर्ट के अनुसार,पाकिस्तानी सेना अफगानिस्तान के निमरोज प्रांत स्थित चाहर बुर्जक जिले में सैन्य चौकी के निर्माण का कार्य करवा रही थी। जिसे तालिबान द्वारा बलपूर्वक रूकवा दिया गया है,फिलहाल,इस घटना में पाकिस्तान की तरफ से कोई टिप्पणी सामने नहीं आई है।
बता दें कि अभी एक हफ्ते पहले ही तालिबान के खुफिया महानिदेशालय के प्रांतीय प्रमुख ने पाकिस्तानी सेना द्वारा पूर्वी नांगरहार में की जा रही बाड़बंदी को रोक दिया गया था। दरअसल दोनों देश करीब 2,400 किलोमीटर लंबी सीमा साझा करते हैं, जिसे लेकर अक्सर विवाद होते रहते हैं। और यह विवाद सैकड़ों साल से जारी है। दरअसल,इन इलाकों में एक विशेष जाति के लोग दोनों तरफ निवास करते हैं और ये लोग कभी नहीं चाहते कि यहां पर सीमाओं को पूरी तरह से सील हो,चूंकि इन लोगों के रिश्तेदार दोनों ही तरफ रहते हैं, लेकिन पाकिस्तान इसे इस तरह से खुला छोड़ने में अपने लिए खतरा समझता है, जिस वजह से जब-जब पाकिस्तान की तरफ से बाड़बंदी या अन्य सील से संबंधित कार्यवाही करने की कोशिश की गई, हर बार पाकिस्तानी सेना को स्थानिय नागरिकों के साथ-साथ अफगानिस्तान की सरकारों का आक्रोश झेलना पड़ा है।
