
हूती विद्रोही (फाईल फोटो)
कुवैत। पिछले 7 सालों से भीषण गृह युद्ध से जूझ रहे यमन में करीब 200 विद्रोही लड़ाकों की मौत होने की रिपोर्ट सामने आई है। कहा जा रहा है कि यमन के मरिब सिटी के पास हो रहे हिंसक संघर्ष के दौरान इन हूती विद्रोहियों के मारे जाने की पुष्टि हुई है,एक रिपोर्ट के अनुसार यमन में बीते 7 सालों से जारी हिंसक संघर्ष एक बार फिर से तेज हो गया है। बता दें कि सऊदी अरब के लीडरशिप वाले गठबंधन के एअर अटैक में 125 से ज्यादा हूती विद्रोही मारे गए हैं। वहीं,इस दौरान इस संघर्ष में सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात के समर्थन वाले सरकारी बलों के भी 70 लड़ाकों के मारे जाने की पुष्टि की गई है।
बीते 24 घंटे के भीतर ये मौतें हुई है,इससे साफ जाहिर होता है कि यमन का यह गृहयुद्ध बहुत ही खतरनाक स्थिति में पहुँच गया है। वहीं,एक अन्य रिपोर्ट के मुताबिक पिछले 7 सालों से जारी इस जंग के चलते अबतक लाखों लोग पलायन कर चुके हैं। जो कि इस मुस्लिम राष्ट्र के सामने बड़ा मानवीय संकट खड़ा हो गया है। इसी कड़ी में संयुक्त राष्ट्र द्वारा जारी एक रिपोर्ट के अनुसार इस मानवीय संकट के चलते लाखों लोगों के सामने भुखमरी और बिमारी समेत कई अन्य गंभीर समस्याएं खड़ी हो गई हैं।
गौरतलब है कि सोमवार को हूती विद्रोहियों ने एक सैन्य जहाज को घेर लिया था,जिसमें यूएई का झंडा लगा हुआ था। इस दौरान गठबंधन सेनाओं का कहना है कि इस जहाज में मेडिकल सप्लाई के लिए जरूरी सामान लदा हुआ था। हूती विद्रोहियों की द्वारा इस जहाज को घेरे जाने की सूचना पर गठबंधन सेनाओं ने एक घातक आॅपरेशन के तहत सैन्य कार्रवाई शुरू कर दिया,जहां इस आॅपरेशन में करीब 125 हूती लड़ाकों के मारे जाने की खबर सामने आई,बता दें कि इससे पहले बीते सितंबर माह में मरिब शहर पर कब्जे को लेकर हूती लड़ाकों और सरकार समर्थित सेनाओं के बीच भीषण लड़ाई हुई,दरअसल यमन सरकार द्वारा कब्जाये हुए यह आखिरी शहर है,जिसपर यमन सरकार का अभी भी कब्जा बरकरार है। यहां यह भी साफ करना जरूरी है कि इस जंग में हूती के तरफ से दुश्मन के खिलाफ घातक मिसाइल और ड्रोन का भी जमकर इस्तेमाल किया जा रहा है।
