इन्वेस्टिगेटिव रिपोर्ट

यूक्रेनियन फौज के मिलीट्री कमांडरों ने बताया कि कीव पर अभी तक रूस क्यों नहीं कर सका कब्जा ? चंद्रकांत मिश्र/राकेश पांडेय

कीव/लंदन। पिछले 20 दिनों से रूसी सेना यूक्रेन पर लगातार भीषण हवाई हमलों व घातक गोलाबारी जारी रखे हुई है, लेकिन अभी तक यूक्रेन की राजधानी कीव तक नहीं पहुंच सकी है। कीव और इसके अन्य उपनगर अब तक रूसी हमलों से लगभग बचे ही हैं। वहीं कई रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया है कि राजधानी कीव के अधिकतर नागरिक शहर छोड़ चुके हैं। ये लोग पश्चिमी यूक्रेन या पड़ोसी देशों में जा चुके हैं।
इसी दौरान रूसी फौज के लिए कीव अभी तक एक मुश्किल टास्क क्यों साबित हो रहा है ? इस सवाल के जवाब में अब कुछ मीडिया रिपोर्ट्स सामने आई है जिसमें यूक्रेन के मिलीट्री कमांडरों के हवाले से बताया जा रहा है कि यूक्रेन के बहादुर सैनिक रूसी तोपों को कीव शहर से बाहर रखने के लिए हरसंभव कोशिश कर रहे हैं। इसी कड़ी में यह भी भी बताया गया कि कीव शहर की टोपोग्राफी और टेरेन यूक्रेनियन फौज के लिए बहुत मददगार साबित हो रहे हैं। दरअसल,कीव बड़ा शहर है जो कि फैला हुआ है और इसे नदियों ने काटा है। नीपर नदी ने शहर को दो भागों में बांटा हुआ है। इसके साथ ही इसकी सहायक नदियां भी कीव में हीं बहती हैं।

जो कि शहर के चारों ओर कई छोटी नदियां हैं। इसका मतलब ये है कि यह क्षेत्र बड़े पैमाने पर सैनिकों की आवाजाही के लिए उपयुक्त नहीं है। यूक्रेनियन सैनिक पुल के करीब लगातार सुरक्षा बढ़ा रहे हैं और किलेबंदी का निर्माण कर रहे हैं। यह भी कहा गया कि कीव एक इंडस्ट्रियल शहर है। ऐसे में किलेबंदी के लिए जरूरी हर जरूरी चीजों का उत्पादन किया जा रहा है। कंक्रीट ब्लॉक, सैंडबैग सहित टैंक्स को रोकने वाले सामान।

वहीं यह भी साफ किया गया कि रूसी फौज उत्तर-पश्चिम यूक्रेन पर ही टारगेट कर रही है। यही कारण है कि यूक्रेनियन फौज रणनीतिक तौर पर कीव को जोड़ने वाली अहम पुलों को उड़ा दी है,और ये दलदली क्षेत्र है जिसे रूसी सैनिक इसे पार नहीं कर सकते।

वहीं,कुछ अन्य मिलीट्री एक्सपर्ट यह भी कह रहे हैं कि रूसी फौज ने अभी तक पूरी ताकत से कीव पर हमला नहीं की है ,रूसी सैनिक धीरे-धीरे यूक्रेन में आगे बढ़ रही है। ऐसे में यह कहना अभी जल्दबाजी होगी कि रूसी सेना कीव पर कब्जा करने में अभी तक नाकाम रही हैं।

दरअसल,सीक्रेट ऑपरेशन न्यूज पोर्टल उसी समय दावा कर दिया था कि कीव अभी भी रूस के लिए एक मुश्किल टास्क है जब रूसी फौज की 64 किलोमीटर मिलीट्री काॅनवाई की रिपोर्ट सामने आई थी,चूंकि उस समय तमाम एक्सपर्ट यह दावा कर रहे थे कि रूसी फौज की यह काॅनवाई अगले कुछ घंटों में कीव को टारगेट करने में सफल हो जायेगी,जहां इन विशेषज्ञों के इस कथित दावों को सीक्रेट ऑपरेशन न्यूज पोर्टल ने उसी समय खारिज कर दिया था,वहीं कीव पर अभी तक रूस का कब्जा न होने का जो प्रमुख कारण सामने आया है उसमें भी दम है।

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