इन्वेस्टिगेटिव रिपोर्ट

यूक्रेन के खिलाफ रूस की मिलीट्री लीडरशिप आॅपरेशन को नहीं दे पा रही बखूबी अंजाम,बदलना होगा तरीका,तभी पूरा होगा टास्क – चंद्रकांत मिश्र (एडिटर इन चीफ)


फाईल फोटो, साभार (सोशल मीडिया)

कीव/मॉस्को। पिछले 9 दिनों से रूस लगातार यूक्रेन के खिलाफ अपना मिलीट्री आॅपरेशन जारी रखा हुआ है,इस दौरान रुस के भीषण हवाई व मिसाइल हमले की वजह से यूक्रेन में भारी तबाही का आलम है,घर,मकान,बिल्डिंग सब धराशायी हो गए हैं और जारी हमलों के चलते होते ही जा रहे हैं,लेकिन जिस उपलब्धि के लिए यूक्रेन पर इस तरह से हमला किया जा रहा है उसका कोई विशेष लाभ रूस को मिलते नहीं दिख रहा है,चूंकि इन हमलों के पहले ही यूक्रेन में अलर्ट का सायरन बजने लगता है जिस वजह से वहां की सेना और आम नागरिक सुरक्षित बंकरों में शरण ले लेते हैं, जहां पर वे सुरक्षित रहते हैं,फिर बाहर कितना ही हैवी शैलिंग क्यों न हो उसका कोई फर्क नहीं है,सिर्फ इमारतें हीं इन हमलों की चपेट में आ रही है,जिसमें कुछ सीविलियन हीं टारगेट हो रहे हैं।

वहीं रूस के दुश्मन देश यूक्रेन को लगातार सभी तरह की सप्लाई लगातार जारी रखें हुए हैं,जिस वजह से यूक्रेन अभी तक इस लड़ाई में डंटा हुआ है।
पूरे घटनाक्रम के विश्लेषण करने से साफ पता चलता है कि जमीनी लड़ाई में रूस को जिस तरह से अपना टास्क पूरा कर लेना चाहिए उस तरह से पूरा हो नहीं पा रहा है,जिससे साबित होता है कि रूस की मिलीट्री लीडरशिप बेहतरीन ढंग से इस आॅपरेशन को करने में कहीं न कहीं कोई बड़ी लापरवाही कर रहा है,जिस वजह से रूसी फौज अभी तक अपनी मंजिल से दूर है।

फिलहाल,रुस को अपने आॅपरेशन के तरीकों को बदलते हुए जमीनी लड़ाई का जबरदस्त प्लान करते हुए आगे बढ़ना चाहिए और दुश्मन देशों द्वारा यूक्रेन को जारी सप्लाई लाईन को रोकने की हर संभव कोशिश की जानी चाहिए,तभी टास्क पूरा होगा।
नहीं तो जिन तरीकों से रूस अभी तक अपने इस आॅपरेशन को अंजाम दे रहा है सिवाय बदनामी के कुछ नहीं हासिल होगा,क्योंकि रूस का दुश्मन पूरी तैयारी के साथ बैठा हुआ है आप 9 दिन नहीं 9 साल तक मिसाइल हमला करते रहिये कुछ फर्क नहीं पड़ेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *