
राफेल फाइटेर एअरक्राफ्ट (फाईल फोटो)
नई दिल्ली। राफेल डील में दलाली को लेकर जबसे भारतीय नागरिक सुशेन गुप्ता का नाम आया है, भारत से लेकर फ्रांस तक तहलका मचा हुआ है। दरअसल रविवार को फ्रांस के एक आनलाइन मीडिया संस्थान ने राफेल डील में हुई कथित दलाली से संबंधित एक बड़ा दावा किया है जिसमें यह कहा गया है कि राफेल डील के लिए फ्रेंच एविएशन कंपनी दसॉ ने भारतीय दलाल सुशेन गुप्ता को 7.5 मिलियन यूरो की दलाली दी थी। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि दलाली की यह रकम फर्जी कंपनियों और नकली बिलों के जरिए ट्रांसफर की गई है।
बताते चले कि 46 वर्षीय कारोबारी सुशेन गुप्ता का भारत की डिफेंस और एविएशन इंडस्ट्री से गहरा संबंध है। इस एविएशन में दलाली के धंधे में पहले सुशेन के दादा बृजमोहन गुप्ता थे, कहा जाता है कि दादा बृजमोहन ने कई अंतरराष्ट्रीय डिफेंस और एविएशन कंपनियों के साथ करार में बड़ा रोल निभाया था। ब्रिटिश कंपनी वेस्टलैंड एयरक्राफ्ट्स, प्रैट एंड विट्नी समेत कई दिग्गज कंपनियों के साथ बृजमोहन गुप्ता ने डील कराई थी। बृज मोहन गुप्ता के बाद उनके बेटे देव ने भी इस कारोबार में शामिल रहें,जिसे अब सुशेन मोहन गुप्ता इस बिजनेस को देख रहा है जो कि वह परिवार की तीसरी पीढ़ी हैं।

कथित आरोपी दलाल सुशेन गुप्ता (फाईल फोटो)
एक अन्य रिपोर्ट के अनुसार सुशेन गुप्ता का नाम 2010 के वीवीआईपी चौपर स्कैम में नाम आया था। इस डील को अगस्टा वेस्टलैंड से उसने दो अन्य दलाल गौतम खैतान और राजीव सक्सेना के साथ मिलकर कराया था।

राफेल फाइटेर एअरक्राफ्ट (फाईल फोटो)
बताया जाता है कि इन तीनों दलालों को अगस्टा वेस्टलैंड डील की जांच के दौरान सीबीआई ने गिरफ्तार किया था। इसके बाद दिल्ली की एक कोर्ट ने जमानत पर सुशेन गुप्ता को रिहा कर दिया था। अब फ्रैंच की आनलाइन मीडिया समूह ने बड़ा खुलासा करते हुए दावा किया है कि राफेल सौदेबाजी में सुशेन गुप्ता ने कई देशों में फैले अपने फर्जी कंपनियों के नेटवर्क के जरिए दलाली का 65 करोड़ रुपये की रकम लिया है,और इस दावे में यह भी साफ किया गया है कि भारत की दो बड़ी जांच ऐजेंसियों को इस घटना की पूरी जानकारी थी लेकिन फिर भी इन ऐजेंसियों ने कुछ नहीं किया।
