
सांकेतिक तस्वीर।
कराची। पिछले कई दशकों से बलूचिस्तान में बलूचियों के साथ पाक फौज द्वारा की जा रही क्रूरता को एक्सपोज करने वाली एक मीडिया रिपोर्ट्स को रोकने के लिए पाकिस्तानी हुकूमत की कोशिश को ट्वीटर ने खारिज कर दिया है। जिसे पाकिस्तान के लिए बड़े झटके के तौर पर देखा जा रहा है। दरअसल, बलूचिस्तान पर News9 Plus की जमीनी कवरेज पर रोक लगाने की पाकिस्तान की कोशिश को ट्विटर ने खारिज कर दिया है।
बता दे कि कई दशकों से बलूचिस्तान में हो रहे मानवाधिकारों के उल्लंघन पर News9 Plus के खुलासे से पाकिस्तान बुरी तरह घबराया हुआ है। वह चाहता है कि बलूचिस्तान की जमीनी हकीकत के बारे में दुनिया न जान सके। इसलिए पाकिस्तान सरकार ने ट्विटर से इसकी शिकायत कर कवरेज पर रोक लगाने की कोशिश की थी। लेकिन ट्विटर ने पाकिस्तान के इस शिकायत को खारिज कर दिया है।
दावा है कि पाकिस्तान को News9 Plus पर दिखाई जा रही ‘बलूचिस्तान – बांग्लादेश 2.0‘ सीरीज से इसलिए कड़ी आपत्ति है, क्योंकि,इस सीरिज में पाकिस्तानी सेना की उस क्रूरता को एक्सपोज किया है जिसमें वह बलूचियों पर दशकों से करती चली आ रही है। यहीं कारण है कि पाकिस्तान टेलीकम्युनिकेशन अथॉरिटी (पीटीए) ने बीते 25 दिसंबर 2022 को इस बावत ट्विटर से शिकायत की थी और डॉक्यूमेंट्री सीरीज पर आपत्ति जताते हुए इसे पाकिस्तान के कानूनों का उल्लंघन करने वाला बताया था। मालूम हो कि इस सीरीज के माध्यम से यह दिखाने की कोशिश की जा रही है कि बलूचों पर जिस तरह से अत्याचार हो रहा है, जिससे आने वाले दिनों में यह स्टेट भी बांग्लादेश बन सकता है।
वहीं,बलूचिस्तान में चीन की निवेश योजनाओं को लेकर बलूच विद्रोहियों का गुस्सा पहले से कही अधिक बढ़ा हुआ है। इसलिए चीनी नागरिकों के खिलाफ हिंसक हमले बढ़ रहे हैं, दरअसल बीजिंग अपने चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे में निवेश का विस्तार करना जारी रखे हैं। जो कि इसी प्रांत से होकर गुजर रहा है, इसीलिए स्थानीय लोगों को नकारने पर बलूचिस्तान की नाराजगी बढ़ती हीं जा रही है।
