एक्सक्लूसिव रिपोर्ट

अब यूक्रेन की राजधानी में भी दिखे दुश्मन के 6 जासूसी गुब्बारे, यूक्रेनी एअर फोर्स ने भी किया ढेर – सतीश उपाध्याय (सीनियर एडिटर)


फ्रंट पर जंगी ड्रोन को उड़ाने के दौरान यूक्रेनी सैनिक,साभार -(यूक्रेन के डिफेंस मिनिस्ट्री के ट्वीटर से)

मॉस्को/कीव। अमेरिका में चीन के जासूसी गुब्बारों को लेकर मचे बवाल के बीच अब यूक्रेन की राजधानी कीव के आसमान में भी बुधवार को 6 संदिग्ध जासूसी बैलून नजर आए जिन्हें यूक्रेनी सेना ने मार गिराया है। वहीं,जासूसी बैलून की रिपोर्ट सामने आते हीं राजधानी में एयर अलर्ट जारी कर दिया गया था। इस बीच यूक्रेनी सेना के हवाले से दावा किया गया है कि इन गुब्बारों में कॉर्नर रिफ्लेक्टर और रिकॉनिसन्स हो सकते हैं। बता दे कि रिकॉनिसन्स का इस्तेमाल मिलिट्री ऑपरेशन से पहले एरिया के निरीक्षण के लिए किया जाता है।

दरअसल,यूक्रेनी एयरफोर्स के प्रवक्ता यूरी इहनाट के हवाले से बताया गया है कि बैलून्स का मकसद यूक्रेन के एयर डिफेंस के बारे में पता लगाना और इसे बाधित करना हो सकता है।
इस बीच यूक्रेन के पड़ोसी देश मोल्दोवा में भी 14 फरवरी को इसी तरह के संदिग्ध फ्लाइंग ऑब्जेक्ट देखे गए थे, जिसके बाद मोल्दोवा ने एक घंटे के लिए अपना एयरस्पेस बंद कर दिया था। ये फ्लाइंग ऑब्जेक्ट दिखने में मौसम संबंधी बैलून की तरह नजर आ रहा था, जो यूक्रेन से मोल्दोवा पहुंचा था। इसके अलावा नाटो के सदस्य रोमानिया ने भी पिछले दिनों ऐसे ही बैलून दिखने का दावा किया था।

यूक्रेन के एअर फोर्स के प्रवक्ता इहनाट की माने तो रूस ने रविवार को नीप्रो शहर में भी ऐसे ही गुब्बारों का इस्तेमाल किया था। इनका डायमीटर एक से डेढ़ मीटर के बीच था, जो रिफ्लेक्टर्स ले जाने के लिए काफी है। इन्हें देखकर लग रहा था कि इनमें गैस भरी हुई है। इन रिफ्लेक्टर्स का इस्तेमाल उन मिलाइलों को भटकाने के लिए किया जाता है जो रेडार सिस्टम के जरिए काम करती हैं। बता दे कि कर्च ब्रिज के ध्वस्त होने से पहले यूक्रेनी हमलों को टालने के लिए रूस ने कई बार ऐसे रिफ्लेक्टर्स का इस्तेमाल किया था। फिलहाल, अब यह साफ हो चला है कि इस तरह के जासूसी गुब्बारों के इस्तेमाल करने में अकेले चीन नही है, रूस भी है।

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