
इजराइली एअर फोर्स के घातक लड़ाकूं विमान,फोटो साभार -(IDF के ट्वीटर से)
नई दिल्ली। हम हमेशा तमाम मीडिया रिपोर्ट्स में यह देखते रहे हैं कि इजरायल हमेशा अपने दुश्मन को एअर फोर्स द्वारा हीं टारगेट करता है। जबकि इजरायल के दुश्मन हमेशा उस पर बेहद खतरनाक रॉकेट से हमला करते हैं। इजरायल के हमला करने के इस तरीकें पर शायद हीं दुनिया के किसी डिफेंस एक्सपर्ट का कभी ध्यान गया हो,लेकिन आज “सीक्रेट आॅपरेशन” न्यूज पोर्टल समूह इजरायल के इस तरीके को लेकर बड़ा खुलासा करने जा रहा है। बता दे कि इस खुलासे का सबसे बड़ा आधार तमाम मीडिया रिपोर्ट्स और तमाम ठोस तथ्य है जो कि साबित करने में सक्षम है कि आखिर इजरायल हमेशा इस तरह के हमलों को अंजाम देने में एअर फोर्स का हीं इस्तेमाल क्यों करता है ?

फारस की खाड़ी में पेट्रोलिंग करती हुई अमेरिकी नौसेना के पाचवें बेड़े की पनडुब्बी,फोटो साभार -(यूस नेवी के ट्वीटर से)
दरअसल,मिडिल-ईस्ट में मौजूद दुनिया का एकमात्र यहूदी देश इजरायल जबसे दुनिया के अस्तित्व में आया है,तबसे लेकर आज तक वह लगातार अपने आस-पास मौजूद दुश्मन देशों के गंभीर और खतरनाक हमलों को झेल रहा है। यहीं कारण है कि वह बेहद कम समय में मिडिल-ईस्ट में सबसे ताकतवर देश बनकर उभरा है। ऐसे में आये दिन लेबनान, सीरिया और फिलिस्तीन के हमास जैसे विभिन्न आतंकी संगठनों की तरफ से हो रहे घातक हमलों को काउंटर करने के लिए वह हमेशा अलर्ट मोड में रहता है।
बता दे कि इजरायल पर जब भी बेहद खतरनाक रॉकेट से हमला होता है तो इजराइली फोर्स आयरन डोम की मदद से दुश्मन के इन तमाम रॉकेट और मिसाइलों को हवा में हीं इंटरसेप्ट करके उसे नष्ट कर देती है,हालांकि कुछ रॉकेट टारगेट तक पहुंचने में कामयाब हो जाते हैं,जिससे आंशिक नुकसान होता रहा है। ऐसे में जब इजरायल इन हमलों को काउंटर करता है तो वह दुश्मन पर जमीन से किसी मिसाइल या रॉकेट को फायर न करके सीधे अपने एअर फोर्स का इस्तेमाल करता है।
दरअसल,इजरायल द्वारा एअर फोर्स के इस्तेमाल करने का सबसे बड़ा कारण यह है कि क्योंकि,इजरायल हमेशा सिर्फ उन्हीं लोगों को टारगेट करता है जो उस पर इन हमलों को अंजाम देते हैं। चूंकि इजरायल का जंगी इतिहास रहा है कि वह दुश्मन देश के आम नागरिकों को कभी टारगेट नहीं करता। इजरायल का जंगी सिध्दांत रहा है कि वह सिर्फ वास्तविक दुश्मन और उसके ठिकाने को हीं निशाना बनाता है। ताकि आम नागरिकों को कोई नुकसान ना पहुंचें। ऐसे में इस तरह के हमले को सिर्फ एअर फोर्स के लड़ाकूं विमान और ड्रोन हीं अंजाम दे सकते हैं। क्योंकि,जमीन से मिसाइल या रॉकेट फायर करने पर हमेशा आम नागरिक हीं हताहत होंगें।
यहीं कारण है कि इजरायल हमेशा इस तरह के हमले को अंजाम देने के लिए एअर फोर्स या ड्रोन का हीं इस्तेमाल करता है,हालांकि इजरायल द्वारा ड्रोन के उपयोग करने की रिपोर्ट बहुत ही कम सामने आई है। कुल मिलाकर “सीक्रेट आॅपरेशन” मीडिया हाउस पूरी जिम्मेदारी के साथ यह दावा करने में सक्षम है कि इजरायल सिर्फ वास्तविक दुश्मन और उनके ठिकानों को हीं निशाना बनाने के लिए एअर फोर्स का इस्तेमाल करता है। फिलहाल,इस समय हमास,लेबनान,सीरिया और ईरान के साथ इजरायल भीषण जंगी तनाव झेल रहा है। जहां इस बीच अमेरिका ने भी फारस की खाड़ी में ईरान के खिलाफ बेहद घातक क्रूज मिसाइलों से लैश अपनी पनडुब्बी को उतार दिया है जो कि आने वाले दिनों में इजरायल की मदद में ईरानी हमलों को काउंटर करने में सहायक साबित होंगी।
