एक्सक्लूसिव रिपोर्ट

आर्मेनिया के बार्डर पर भी अजरबैजान की तरफ से हुआ हमला, आर्मेनिया ने भी किया जवाबी कार्यवाही – नित्यानंद दूबे (स्पेशल एडिटर)


आर्मेनियाई सैनिक बार्डर पर दुश्मन की गतिविधियों की निगरानी करते हुए,फोटो साभार -(आर्मेनिया के MOD से)

येरेवान। दुनिया में तीसरे विश्वयुद्ध की आशंका के बीच आर्मेनिया और अजरबैजान के बीच भी सैन्य संघर्ष की रिपोर्ट फिर सामने आ रही है। जहां इस बीच आर्मेनिया की डिफेंस मिनिस्ट्री ने मंगलवार को अजरबैजान की तरफ से मोर्टार से हमला किये जाने का दावा किया है, हालांकि, इस हमले में आर्मेनिया की तरफ किसी नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है। वहीं,आर्मेनिया की सेना की ओर से भी काउंटर अटैक करने की जानकारी मिली है।

बता दे कि आर्मेनिया और अजरबैजान के बीच अक्सर सैन्य संघर्ष की खबरें सामने आती रही है। जिसमें दो साल पहले दोनों देशों के बीच महिनों संघर्ष जारी रहा था। जहां रूस के हस्तक्षेप के बाद दोनों देशों की सीमाओं पर सीजफायर हुआ था। चूँकि,अजरबैजान की ओर से इजरायल, तुर्की और पाकिस्तान हमेशा साथ खड़े रहते हैं, ईसाई बाहुल्य होने के बावजूद भी आर्मेनिया की मदद करने से अमेरिका और यूरोप परहेज करते रहे हैं। दरअसल,इसके बड़ी वजह यह है कि आर्मेनिया और अजरबैजान ये दोनों देश सोवियत संघ के विघटन से पहले सोवियत का हीं हिस्सा रहे हैं। जहां विघटन के बाद भी आर्मेनिया का रूस के साथ सैन्य समझौतों के जरिए उससे जुड़ा हुआ है,इसीलिए अमेरिका और यूरोप आर्मेनिया की मदद करने से बचते रहे हैं। हालांकि, हाल ही में अमेरिका अब आर्मेनिया की तरफ आकर्षित होता दीख रहा है।

वहीं,अजरबैजान मुस्लिम धर्म बाहुल्य होने के नाते उसे तुर्की, पाकिस्तान के अलावा इजरायली मदद भी मिलती रही हैं। अब ऐसे में सीमा विवाद को लेकर इन दोनों देशों के बीच सैन्य संघर्ष की रिपोर्ट दुनिया की चिंता बढ़ाने वाली है। फिलहाल, इस समय इजरायल भी कई मोर्चों पर एक साथ उलझा हुआ है। तो वहीं तुर्की भी ग्रीक के साथ उलझने की तैयारी में है। जबकि पाकिस्तान खुद इस समय देश के भीतर और बाहर के कई गंभीर समस्याओं से पीड़ित है। अब ऐसी स्थिति में अजरबैजान जंग को निमंत्रण देकर खुद गंभीर गलती का शिकार हो सकता है।

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