एक्सक्लूसिव रिपोर्ट

हिजबुल आतंकी संगठन का साथ देने वाले पुलिसकर्मी के विरूद्ध चार्जशीट दाखिल – राजेंदर दूबे (स्पेशल एडिटर)

जम्मू. राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने 2019 में सीआरपीएफ जवानों के एक काफिले पर हुए हमले में कथित रूप से शामिल जम्मू-कश्मीर के एक पूर्व पुलिसकर्मी के खिलाफ शनिवार को पूरक आरोप पत्र दाखिल किया. वह पुलिस छोड़कर पाकिस्तान से संचालित आतंकवादी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन  में शामिल हो गया था. एक अधिकारी ने यह जानकारी दी.
प्रमुख जांच एजेंसी के एक अधिकारी ने बताया कि, जम्मू-कश्मीर पुलिस का पूर्व-कांस्टेबल नावीद मुश्ताक शाह 2017 में हथियार लेकर फरार हो गया था. तब भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई), बडगाम में गार्ड के रूप में तैनात था. एनआईए अधिकारी के अनुसार पुलिस से निकलने के बाद वह प्रतिबंधित हिजबुल-मुजाहिदीन का सक्रिय आतंकवादी बन गया. यहां एक विशेष एनआईए अदालत में शाह के खिलाफ दूरस्थ प्रक्रिया कॉल (आरपीसी), विस्फोटक पदार्थ अधिनियम, जम्मू-कश्मीर सार्वजनिक संपत्ति (क्षति की रोकथाम) अधिनियम और गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम की धाराओं के तहत आरोप पत्र दायर किया गया.
यह मामला 30 मार्च, 2019 को रामबन जिले के बनिहाल इलाके में तेथर में सीआरपीएफ के काफिले पर एक आतंकवादी द्वारा किए गए हमले से संबंधित है, जिसने सुरक्षाकर्मियों की हत्या करने और भारत सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ने के इरादे से विस्फोटकों से लदी एक कार में विस्फोट करा दिया था.
रामबन में 30 मार्च, 2019 को एक मामला दर्ज किया गया था. एनआईए ने 15 अप्रैल, 2019 को मामला फिर से दर्ज किया और जांच की जिम्मेदारी संभाली थी.

एनआईए ने दाखिल किया था आरोप पत्र
एनआईए ने पहले हिज्बुल-मुजाहिदीन के छह आतंकवादियों के खिलाफ हमले में संलिप्तता को लेकर आरोप पत्र दाखिल किया था.
एनआईए अधिकारी के अनुसार, शाह अन्य आतंकवादियों के साथ बनिहाल में सीआरपीएफ के काफिले पर हमले की साजिश रचने और उसे अंजाम देने में सक्रिय रूप से शामिल था.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *