
सांकेतिक तस्वीर।
इस्लामाबाद। रविवार को बलूचिस्तान के ग्वादर में एक चीनी काफिले पर हुए आतंकी हमले की कड़ी निंदा करते हुए बीजिंग ने पाकिस्तान से घटना को अंजाम देने वाले अपराधियों को न्याय के दायरे में लाने को कहा है। कराची में चीनी महावाणिज्य दूतावास ने बाद में एक बयान में कहा कि उसके सभी नागरिक हमले में सुरक्षित हैं। हालांकि, चीन ने मारे गए चीनी इंजीनियरों से संबंधित दावों को एक बार फिर से खारिज कर दिया है, जबकि हमले को अंजाम देने वाले बलूच विद्रोहियों ने इस हमले चीनी इंजीनियरों के अलावा पाक सैनिकों के भी मारे जाने का दावा किया था।
इस बीच पाकिस्तान में चीनी दूतावास ने इमरजेंसी रिस्पॉन्स प्लान एक्टिवेट भी कर दिया है। इसके तहत चीनी नागरिकों और प्रोजेक्ट की सुरक्षा बढ़ाने को कहा गया है। इतना ही नहीं चीन का सरकारी भोंपू कहे जाने वाले अखबार ग्लोबल टाइम्स ने रिपोर्ट किया है कि चीन आतंकवाद के खतरे से संयुक्त रूप से निपटने और पाकिस्तान में चीनी कर्मियों, संस्थानों और परियोजनाओं की सुरक्षा की प्रभावी ढंग से रक्षा करने के लिए पाकिस्तान के साथ काम करना जारी रखेगा। चीन और पाकिस्तान की दोस्ती और CPEC को कमजोर करने का कोई भी प्रयास सफल नहीं होगा। इस बीच बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी ने चीन को चेतावनी दी है कि 90 दिनों के अंदर वह इलाके को छोड़ दें।
