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पहलगाम हमले के बाद नेपाल-भारत सीमा पर ड्रोन से की जा रही है निगरानी, पहचान पत्र देख कर ही प्रवेश की अनुमति

काठमांडू,(हि.स.)। भारत के जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद नेपाल-भारत की सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। अवैध नागरिकों के प्रवेश को रोकने के लिए फोटो युक्त पहचान पत्र दिखाने की व्यवस्था को अनिवार्य किया गया है। इसके अलावा सीमा क्षेत्र में ड्रोन से निगरानी की जा रही है।

नेपाल भारत से सटे हुए सभी सीमा नाका पर सुरक्षाबलों ने चौबीस घंटे की गश्त को और तेज कर दिया है। सीमा से प्रवेश करने वाले सभी नागरिकों का पहचान पत्र देखकर ही उन्हें नेपाल की सीमा में प्रवेश करने की अनुमति दी जा रही है।

नेपाल सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा इस संबंध में निर्देश दिए जाने के बाद भारत से सटी हुई सभी सीमाओं पर सुरक्षा व्यवस्था को चुस्त दुरुस्त किया गया है। नेपाल भारत के मुख्य प्रवेश द्वार के रूप में रहे बीरगंज में पहचान पत्र दिखाकर ही भारतीय नागरिक को नेपाल में प्रवेश की अनुमति दी जा रही है।

बीरगंज के सिटी एसपी गौतम मिश्रा ने बताया कि पहलगाम आतंकी हमले के बाद अवैध रूप से भारत में रह रहे बांग्लादेशी और पाकिस्तानी नागरिकों का नेपाल में प्रवेश ना हो, इसके लिए सूक्ष्म तरीके से निगरानी की जा रही है। उन्होंने कहा कि इस तरह की खुफिया सूचना मिली है कि भारत से अवैध बांग्लादेशी और पाकिस्तानी नागरिकों को वहां की सुरक्षा कर्मियों के द्वारा गिरफ्तार कर वापस भेजे जाने की प्रक्रिया शुरू करने के बाद बड़ी संख्या में अवैध बांग्लादेशी और पाकिस्तानी नागरिकों के नेपाल में प्रवेश की संभावना है।

बीरगंज के अलावा जनकपुर जटही सीमा, विराटनगर जोगबनी सीमा, सिलीगुड़ी पानीटंकी सीमा, भैरहवा सुनौली सीमा, नेपालगंज बेलहिया सीमा सहित अन्य छोटी सीमाओं पर भी सशस्त्र प्रहरी बल के द्वारा सूक्ष्म तरीके से निगरानी की जा रही है।

दोनों देशों के बीच में खुली सीमा होने के कारण ड्रोन के जरिए भी निगरानी की जा रही है। भारत की सशस्त्र सीमा बल और नेपाल की सशस्त्र प्रहरी बल के बीच समन्वय कर खुली सीमा में ड्रोन से निगरानी की जा रही है ताकि खुली सीमा का फायदा उठाकर कोई भी अवैध बांग्लादेशी या पाकिस्तानी नागरिक नेपाल में प्रवेश न कर सके।

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