आतंकी संगठन अलकायदा समर्थित आतंकियों को भारत-नेपाल बॉर्डर पर अशांति फैलाने के लिए भेजा गया है. एक मीडिया रिपोर्ट में दावा किया जा रहा है कि इन आतंकियों (Terrorists) को भारत-नेपाल सीमा पर अपना अड्डा बनाने के लिए तुर्की (Turkey) ने भेजा है. रिपोर्ट में दावा किया गया है कि आतंकी अपना काम शुरू कर चुके हैं.
रिपोर्ट के मुताबिक दोनों देशों के बीच इलाके में आतंक फैलाने की जिम्मेदारी तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप अर्दोआन ने एक तुर्की संगठन को सौंपी है. इस संगठन को अलकायदा का समर्थन मिला हुआ है. एक खुफिया रिपोर्ट के मुताबिक तुर्की की संस्था नेपाल में ‘इस्लामिक संघ नेपाल’ के साथ मिलकर सक्रिय हो चुकी है.
साजिश के पीछे तुर्की खुफिया एजेंसी
खुफिया रिपोर्ट के मुताबिक इस्लामिक संघ नेपाल खतरनाक आतंकियों का पनाहगार है और भारतीय खुफिया एजेंसियों के रडार पर है. तुर्की का संगठन ‘जेहादी नेटवर्क’ स्थापित करने में लगा हुआ है. ‘नॉर्दिक मॉनिटर’ नाम के अखबार में इस आतंकी साजिश को लेकर एक रिपोर्ट छपी है, जिसमें तुर्की खुफिया एजेंसी एमआईटी को इस साजिश का मास्टमाइंड बताया गया है.
‘नॉर्दिक मॉनिटर’ की रिपोर्ट में बताया गया है कि एमआईटी ने ‘The Foundation for Human Rights and Freedoms and Humanitarian Relief’ को भारत-नेपाल सीमा पर आतंक फैलाने के लिए भेजा है. दावा किया जा रहा है कि IHH के नाम से जानी जाने वाली इस संस्था का मुख्य लक्ष्य भारत है.
सीमा के निकट जेहादी नेटवर्क बना रही IHH
खुलासे में कहा गया है कि IHH ने भारत-नेपाल सीमा के नजदीक इलाकों में रहने वाले मुस्लिम समुदाय के बीच अपने पैर पसारना शुरू कर दिया है. ये संस्था जेहादी नेटवर्क स्थापित कर रही है. IHH इस्लामिक नेपाल संघ के साथ मिलकर काम कर रही है और इसे सीधे तौर पर तुर्की से फंडिंग मिल रही है.
इस्लामिक सेंटरों का किया जा रहा निर्माण
IHH संयुक्त राष्ट्र के सिक्योरिटी काउंसिल की वाच लिस्ट में शामिल है. संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के अनुसार ये संस्था तुर्की की खुफिया एजेंसी के लिए काम करती है. इसका इस्तेमाल अलग-अलग देशों में जेहादी नेटवर्क की स्थापना के लिए किया जाता है. आईएचएच को लेकर जारी रिपोर्ट में बताया गया है कि लुम्बिनी, नेपाल की राजधानी काठमांडू और सीमावर्ती सुंसारी इलाकों के मदरसों, अनाथालय, मस्जिदों और इस्लामिक सेंटरों का निर्माण किया जा रहा है.
