वॉशिंगटन / सियोल। उत्तर कोरिया ने हाल ही में दो कम दूरी वाली मिसाइलों का परीक्षण किया है। अमेरिकी और दक्षिण कोरियाई आधिकारियों ने इसकी जानकारी दी है। हालांकि, अमेरिका इसके बावजूद बातचीत के लिए तैयार है। जो बाइडन के राष्ट्रपति बनने के बाद उत्तर कोरिया ने पहली बार मिसाइल का परीक्षण किया है। बता दें कि पिछले दिनों उत्तर कोरिया ने बातचीत के प्रस्ताव को ठुकरा दिया था। उसने कहा था कि बातचीत तबतक मुमकिन नहीं है जबतक अमेरिका उसके प्रति विरोधी नीतियों को नहीं छोड़ता। अमेरिका बातचीत के लिए विभिन्न माध्यमों से संपर्क कर चुका है, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली है।
बाइडन प्रशासन के के दो वरिष्ठ अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि उत्तर कोरिया ने ऐसे मिसाइलों की परीक्षण की है, जिनपर यूएन सुरक्षा परिषद का प्रतिबंध नहीं है।दक्षिण कोरिया की सेना ने कहा कि रविवार को उत्तर कोरिया के पश्चिमी तट से दो क्रूज मिसाइलें दागी गईं। जनवरी में बाइडन के अमेरिकी राष्ट्रपति का पदभार संभालने के बाद से उत्तर कोरिया ने पहली बार मिसाइल का परीक्षण किया। इसे लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि बहुत कुछ नहीं बदला है। उन्होंने जो किया वह कोई नई बात नहीं है। बाइडन ने यह बात ओहायो की यात्रा से लौटने पर संवाददाताओं से कही। इस दौरान उनसे पूछा गया कि क्या उत्तर कोरिया द्वारा किया गया परीक्षण उकसाने के लिए था?
अमेरिकी अधिकारियों ने कहा है कि उत्तर कोरिया को लेकर बाइडन प्रशासन की नीति की पूर्ण समीक्षा के अंतिम चरण में है। इस पर वह अगले सप्ताह सहयोगी देशों जापान और दक्षिण कोरिया के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों के साथ चर्चा करने वाला है। एक अधिकारी ने कहा कि फरवरी 2019 में हनोई में पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन के बीच विफल शिखर सम्मेलन के बाद उत्तर कोरिया के साथ ‘बहुत कम बातचीत’ हुई है। इस दौरान अमेरिका ने दक्षिण कोरिया को अपने परमाणु हथियारों को छोड़ने के लिए मनाने की कोशिश की थी।
