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बस्तर के नक्सल मोर्चे पर ‘एयर स्ट्राइक’ की चर्चा तेज, खौफ में नक्सली

जगदलपुर। छत्तीसगढ़ में बस्तर के नक्सल मोर्चे पर इन दिनों एयर स्ट्राइक की बड़ी चर्चा है। एयर स्ट्राइक हुई या नहीं यह या तो फोर्स जानती है या नक्सली, पर भीतर से यही बात निकलकर आ रही है कि इसकी आशंका से नक्सली बेहद भयभीत हैं। एयर स्ट्राइक की चर्चा इसलिए हो रही है कि टेकलगुड़ा में तीन अप्रैल को हुई मुठभेड़ के बाद केंद्र सरकार ने सीधी कार्रवाई का संकेत दे दिया है।
टेकलगुड़ा में 22 जवानों की शहादत के बाद देशभर में उठे गुस्से के बीच गृहमंत्री अमित शाह सीधे बासागुड़ा पहुंच गए थे। बीजापुर जिले के बासागुड़ा गांव को नक्सलियों का गढ़ माना जाता है। यहां तक पहुंचने वाले शाह पहले केंद्रीय मंत्री हैं। उनके दौरे से नक्सल इलाकों का माहौल बदल गया है। उनकी सख्त छवि को देखते हुए कयास लगाए जा रहे हैं कि फोर्स अब किसी भी हद तक जा सकती है। यही वजह है कि नक्सली एयर स्ट्राइक की आशंका से खौफजदा हैं।
नक्सल इलाकों में इन दिनों फोर्स के ड्रोन दिन-रात चक्कर काट रहे हैं। उनकी टोह ली जा रही है। सूत्र बता रहे हैं कि सुरक्षा बल नक्सलियों को नेस्तनाबूद करने का मन बना चुके हैं। एयर स्ट्राइक के विकल्प पर भी चर्चा हो चुकी है। इसकी खबर नक्सलियों को भी है।
इसी बीच उन्होंने आरोप लगाया कि 19 अप्रैल को फोर्स ने बीजापुर के पालागुड़म और बोत्तालंका गांवों के बीच नक्सल कैंप पर ड्रोन से बम गिराए। हालांकि सुरक्षा बलों ने इन आरोपों को तुरंत खारिज कर दिया पर नक्सली इसे प्रमाणित करने में लगे हैं। 27 अप्रैल को उन्होंने बीजापुर व सुकमा जिले के अंदरूनी गांवों में आदिवासियों को आगे कर एयर स्ट्राइक के विरोध में बड़ा प्रदर्शन किया। वैसे पुलिस अधिकारी यही कह रहे हैं कि ड्रोन का उपयोग उनकी सूचना जुटाने में ही हो रहा है। एयर स्ट्राइक की कोई योजना फिलहाल नहीं है।
बस्तर के आइजी सुंदरराज पी ने कहा,’ नक्सलियों को जनता की ¨जदगी से कोई मतलब नहीं है। उन्हें अपना स्वार्थ सिद्ध करना है। वह तो पहले से ही उन्हें मार रहे हैं। कोरोना के बीच बंदूक के जोर पर भीड़ जमा कर नक्सली लोगों का जीवन खतरे में डाल रहे हैं।

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