
सांकेतिक तस्वीर
मास्को। रूस की राजधानी से एक चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई है जिसमें बताया जा रहा है कि रूस ने अंतरिक्ष में उपग्रह को नष्ट करने वाला एक हथियार (ASAT)का परीक्षण किया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि इस टेस्ट के दौरान रूस ने अपने एक पुराने कॉसमॉस- 1408 को नष्ट कर दिया है। इस दौरान विस्फोट की वजह से बड़े पैमाने पर नष्ट हुए सेटेलाईट से मलबा बाहर आया है जिससे अंतरिक्ष में अंतरिक्ष स्टेशन के यात्रियों की जान पर आफत आ गया है। इन अंतरिक्ष यात्रियों अपनी जान बचाने के लिए ट्रांसपोर्ट स्पेसक्राफ्ट में शरण लिये हुए हैं। उधर रूस के इस हरकत पर अमेरिका भड़का हुआ है।
फिलहाल यह अभी तक साफ नहीं हो सका है कि रूस ने इस परीक्षण कब अंजाम दिया है,लेकिन इस बारें में पहली रिपोर्ट कल आई है। फिलहाल रूस इस बारें में अभी खामोश है। लेकिन सोमवार को अंतरिक्ष के स्पेस स्टेशन के पास से नष्ट हुए इस सैटलाइट का मलबा बहुत पास से होकर गुजरा है।
फिलहाल रूस की स्पेस ऐजेंसी रोसकोसमोस ने साफ कर दिया है कि स्पेस स्टेशन के पास से नष्ट किया गया मलबा गुजरा है। उधर नासा के मिशन कंट्रोल से बयान आया है जिसमें कहा गया है कि ‘पागलपन से भरे लेकिन पूरी तरह से समन्वय से भरे दिन के लिए धन्यवाद। आपने हर परिस्थिति के लिए जो जानकारी दी, उसके लिए हम आपके प्रयास की प्रशंसा करते हैं।’ उधर रूस के इस टेस्ट से रूस के उपर अमेरिका बहुत बुरी तरह से भड़का हुआ है।
इस घटना के संबंध में अमेरिका के स्पेस कमांड ने बयान जारी करते हुए कहा कि उसे बाहरी स्पेस में नष्ट हुए मलबे के बारे में जानकारी है,लेकिन यह नहीं साफ किया गया कि यह पैदा कैसे हुआ ? हालांकि यह जरूर बताया गया कि मलबे के इलाके का पता लगाया जा रहा है, और आगे भी सुनिश्चित किया जायेगा कि स्पेस में उपग्रह भेजने वाले सभी देशों को कोई खतरा होने की संभावना पर तुरंत अलर्ट किया जायेगा। लेकिन विशेषज्ञों ने साफ कर दिया है कि यह एंटी सैटलाइट वेपन रुस का ही है और इसी ने इसका इस्तेमाल भी किया है।
एक अन्य रिपोर्ट में यह कहा गया कि रूस का यह उपग्रह अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन से बस थोड़ा ही ऊंचाई पर था। इसीलिए स्पेस स्टेशन मलबे की चपेट में आया और यह आगे अभी रहेगा। कहा जा रहा है कि अंतरिक्षयात्रियों को मलबे के बारे में पहले ही चेतावनी दे दी गई थी,चेतावनी मिलते ही अंतरिक्ष यात्री एक स्पेसक्राफ्ट में छिप गए थे जो आपातकालीन स्थिति में धरती पर वापस आने के लिए बनाया गया है।
