
रूसी पनडुब्बी (फाईल फोटो)
लंदन/मॉस्को। परमाणु टाॅरपीडो से लैश ब्रिटेन की रॉयल नेवी का एक युद्धपोत एक रूसी पनडुब्बी से उत्तरी अटलांटिक के महासागर में टकरा गई, बताया जा रहा है कि ये घटना पिछले साल घटित हुई थी।
बता दें कि कोल्ड वाॅर के बाद पहली बार ऐसा हुआ कि जब दुनिया की दो सबसे बड़ी नौसेनाओं के बीच संघर्ष हुआ, एचएमएस नॉर्थम्बरलैंड सोनार के जरिए गश्त लगा रही थी, इसी दौरान रूसी पनडुब्बी पानी के भीतर से इससे टकरा गई।
कहा जा रहा है कि दोनों देशों की पनडुब्बीयो के बीच यह टक्कर तब हुई, जब रॉयल नेवी ने ब्रिटिश टाइप 23 फ्रिगेट को एक रूसी जहाज का पता लगाने के लिए भेजा था। इस दौरान मैसेज पास हुआ कि स्कॉटलैंड के उत्तर में 200 मील दूर एक रूसी पनडुब्बी पेट्रोलिंग कर रहा है, वहीं, अटलांटिक में पहुंचने पर ब्रिटिश युद्धपोत ने अपने सोनार को नीचे किया, ताकि रूसी जहाज के बारे में पता लगाया जा सके. लेकिन इसी दौरान पानी के नीचे मौजूद रूसी पनडुब्बी से सोनार टकरा गया। सूत्रों ने बताया कि रूसी पनडुब्बी से टक्कर होने के बाद ब्रिटिश युद्धपोत बुरी तरह हिल गया। इस वजह से रॉयल नेवी को अपना मिशन पूरा किये बिना ही वापस लौटना पड़ा।
एक अन्य रिपोर्ट के अनुसार बताया जा रहा है कि एचएमएस नॉर्थम्बरलैंड को तुरंत बंदरगाह पर लौटना पड़ा, ताकि इसके सोनार को ठीक किया जा सके। वहीं पूर्व फ्रिगेट कप्तान कमांडर टॉम शार्प के हवाले से यह भी कहा गया है कि कहा, सवाल यह है कि यह जानबूझकर किया गया था या यह महज एक दुर्घटना थी ? जहाज और पनडुब्बी का पता लगाना सटीक विज्ञान नहीं है, नौसेना के एक अन्य सूत्र ने कहा कि रूसी पनडुब्बी में मौजूद क्रू मेंबर्स की इस टक्कर से हालत खराब हो गई होगी।
