एक्सक्लूसिव रिपोर्ट

यूक्रेन संकट के बीच नाटों की इमरजेंसी मीटिंग में रूस के खिलाफ हुए कई घातक फैसले, रुस के लिए बजी खतरे की घंटी – चंद्रकांत मिश्र/सतीश उपाध्याय


नाटों देशों के ध्वज (फाईल फोटो)

कीव/बेल्जियम। यूक्रेन के खिलाफ रूस द्वारा जारी युद्ध के कड़ी में हमले की शुरुआत के एक महीने बाद आज गुरुवार को नाटों देशों के नेताओं ने ब्रसेल्स में एक बैठक की है,इस बैठक पर पूरी दुनिया की नजर थी,इस बैठक के बारे में बताया जा रहा था कि यूक्रेन संकट पर अब अंतिम निर्णय लेने का समय आ गया है,जहां पर यह निर्णय लिया गया कि नाटों यूक्रेन का रूसी हमले से लड़ने और आत्मरक्षा के अधिकार को बनाए रखने के लिए सुरक्षा सहायता के साथ समर्थन करना जारी रखेगा,इसी बीच नाटों ने यह भी दावा किया कि बाल्टिक समुद्र से ब्लैक सागर तक नाटों के कुल आठ जंगी बेड़े तैनात किये जाने की भी तैयारी है।

बताते चले कि नाटों की इस इमरजेंसी मीटिंग पर पूरी दुनिया की नजरें थी,क्योंकि यूक्रेन में रूस के खिलाफ नाटों के काउंटर प्लान पर इमरजेंसी मीटिंग में मुहर लगनी थी।

इस मीटिंग में अमेरिकी राष्ट्रपति समेत नाटों के सदस्य देशों के सभी 30 मुल्कों ने मंथन किया है,मीटिंग से जो बड़ी बात सामने आई,उससे साफ हैं कि पुतिन अपने ही परमाणु जाल में बुरे फंस चुके हैं।

इस दौरान यह भी बताया गया कि पुतिन पर NATO के 30 देश,जी-7 के सात देश और यूरोपीय यूनियन के 27 देश मिलकर दबाव बनाना चाहते हैं। नाटों का मकसद है रूस की सैन्य घेराबंदी करना ताकि इन देशों पर हमले की स्थिति में नाटो हमला कर सके। वहीं जी-7 देशों का मकसद है रूस पर आर्थिक प्रतिबंधों को और बढ़ाते हुए दबाव बनाना और यूरोपीय यूनियन इस मामले में रूस पर कूटनीतिक हमले करना चाहता है।

इसी कड़ी में नाटों के सेक्रेटरी जनरल जेन्स स्टोलेनबर्ग ने कहा कि मुझे उम्मीद है कि विश्व में इस बात पर सहमति बनेगी कि नाटों को पूर्वी सीमा पर थल,जल और वायु में अपनी सेनाओं की संख्या बढ़ाकर मजबूती दिखानी होगी। जहां पहले चरण में नाटों के चार बैटल ग्रुप बुल्गारिया,रोमानिया, हंगरी,स्लोवाकिया में भेजे जाएंगे।

उधर,यूक्रेन की मदद के लिए अमेरिका,नाटों और यूरोपियन यूनियन की इस ताजे बैठक से रूस चिढ़ गया है। रूस ने पहले ही ये धमकी दे दी थी कि अगर कोई देश इस युद्ध में यूक्रेन की ओर से आया तो रूस का दुश्मन होगा,और अगर ऐसा हुआ तो विश्व युद्ध छिड़ सकता है।

इसी कड़ी में यूएन में रूस के उप राजदूत दिमित्री पोल्यांस्की ने कहा कि अगर नाटों देशों ने उकसाया तो रूस के पास परमाणु हमला करने का अधिकार है।

तो वहीं अमेरिका और रूस एक दूसरे पर केमिकल और बायोलॉजिकल हथियार रखने के आरोप लगा रहे है,जबकि हाल ही में रूस ने अमेरिका पर यूक्रेन समेत कई यूरोपीय देशों में जैविक हथियारों की लैब बनाने का आरोप लगाया था,इस आरोप पर बाइडेन ने जवाब देते हुए साफ किया कि अमेरिका ने यूरोप में रासायनिक हथियारों की लैब बनाई है’, ये सच नहीं है। इसी दौरान बाइडेन ने आगे भी कहा कि मैं गारंटी देता हूं,वो ये भी कह रहे हैं कि यूक्रेन में रासायानिक और जैविक हथियार हैं,ये आरोप लगाना दिखाता है कि वो इनका इस्तेमाल करने की सोच रहे हैं,वो पहले भी ऐसा कर चुके हैं। हमें इसके लिए तैयार रहना चाहिए।
बता दें कि गुरूवार को ब्रसेल्स में नाटों के इमरजेंसी मीटिंग में जो महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है वह क्रमवार इस तरह से है –

1- एंटी टैंक, एयर डिफेंस सिस्टम, और ड्रोन सप्लाई करेगा
2- जल, थल और वायु में जवाबी कार्रवाई की तैयारी शुरू
3- बुलगेरिया, हंगरी, रोमानिया, स्लोवाकिया में 4 नए बैटल ग्रुप की तैनाती
4- बाल्टिक समंदर से ब्लैक सागर तक नाटो के कुल आठ जंगी बेड़े तैनात
5- समंदर में युद्धक बेड़ों की तैनाती होगी, अटैक पनडुब्बी की तैनाती होगी
6- रूस बॉर्डर पर जमीन पर सेना बढ़ेगी, आसमान में जेट की संख्या बढ़ेगी
7- यूरोप में 1 लाख अमेरिकी और 40 हजार नाटो देशों के सैनिक तैनात
8- रूस को यूक्रेन पर हमले की बड़ी कीमत चुकानी पड़ेगी
9- चीन को रूस की मदद नहीं करने की चेतावनी दी गई है
10- पुतिन की मदद कर रहे बेलारूस को भविष्य में परिणाम भुगतने होंगे

गौरतलब है कि युद्धकाल मे अमेरिकी राष्ट्रपति का नाटों के हेडक्वार्टर्स में आना,और एक दिन में तीन आपातकाल मीटिंग में बैक-टू बैंक हिस्सा लेना,ये रूस के लिए बहुत घातक संकेत हैं,आने वाले कुछ घंटों में बहुत तेजी से घटनाक्रम बदल रहे हैं,तो वहीं एक तरफ रूसी बॉर्डर के करीब नाटों सेना का युद्धभ्यास चल रहा हैं,और वहीं दूसरी तरफ नाटों हेडक्वार्टर्स पर आपातकाल मीटिंग चल रहा हैं तो उधर, पश्चिमी मुल्कों की सेनाओं की तैनाती रूस के आसपास तेजी से बढ़ाई जा रही है,अब ऐसे में यही माना जा रहा है कि कुछ बड़ा होने वाला है। कुल मिलाकर जिस बात की पहले से ही आशंका थी वही अब साफ साफ दिखाई दे रहा है, अब रूस अपने दुश्मन देशों से कैसे निबटता है ? यह तो आने वाला वक्त हीं बता सकता है, अभी कुछ कहना जल्दबाजी होगी।

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