एक्सक्लूसिव रिपोर्ट

पाकिस्तानी नेवी के साथ हिंदमहासागर में संयुक्त युद्धाभ्यास की रिपोर्ट को कोलंबो ने किया खारिज, रिपोर्ट थी कि श्रीलंकन और पाक नेवी करने जा रहे हैं ज्वाइंट ड्रिल – सतीश उपाध्याय/अमरनाथ यादव


सांकेतिक तस्वीर।

नई दिल्ली/कोलंबो। अभी चीन के जासूसी जहाज का मुद्दा ठंडा भी नहीं हुआ था कि इसी बीच श्रीलंका को लेकर एक और रिपोर्ट सामने आ गई,जहां इस रिपोर्ट में यह दावा किया गया कि श्रीलंका की नौसेना पाकिस्तानी नौसेना के साथ एक ड्रिल पर है। इस संयुक्त युद्धाभ्यास की भनक जैसे ही नई दिल्ली को लगी,भारत में तूफान मच गया। हालांकि अब श्रीलंका ने इस संयुक्त युद्धाभ्यास को महज एक झूठी अफवाह करार दिया है। दरअसल,पाकिस्तानी नौसेना के युद्धपोत पीएनएस तैमूर के कोलंबो बंदरगाह पहुंचने पर दावा किया गया था जहां यह भी कहा जा रहा था कि श्रीलंकाई नौसेना और पाक नेवी संयुक्त युद्धाभ्यास करने जा रही है।

जबकि अभी एक दिन पहले ही श्रीलंका ने चीन के जासूसी जहाज युआन वांग 5 को हंबनटोटा बंदरगाह आने की मंजूरी दी थी। जहां इस चीनी पोत के हंबनटोटा आगमन को लेकर भारत और अमेरिका ने कड़ी आपत्ति जताई थी,लेकिन श्रीलंकाई सरकार ने इन सभी आपत्तियों को दरकिनार करते हुए चीनी जहाज को मंजूरी दे दी। चूंकि,श्रीलंका के ऊपर चीन का भारी कर्ज है,ऐसे में संभावना है कि दबाव में आकर कोलंबो ने चीन के इस जासूसी जहाज को आने की अनुमति दी है।

दरअसल,पाक के साथ संयुक्त युद्धाभ्यास को लेकर श्रीलंकाई नौसेना ने कहा कि वे पाकिस्तानी नौसेना के साथ कोई युद्धाभ्यास नहीं कर रहे हैं। जब भी कोई विदेशी युद्धपोत हमारे देश के बंदरगाह पर आता है तो उसके साथ हमारी नौसेना के जहाज एक नियमित इंगेजमेंट के तौर पर पैसेज एक्सरसाइज करते हैं। इसका मतलब पाकिस्तानी युद्धपोत को श्रीलंका की जलीय सीमा में प्रवेश से लेक छोड़ने तक उनका एक जहाज साथ-साथ रहेगा। इसी को कुछ लोगों ने गलतफहमी में युद्धाभ्यास का नाम दे दिया है। बता दे कि 134 मीटर लंबा पीएनएस तैमूर 12 अगस्त को औपचारिक दौरे पर कोलंबो पहुंचा था।

पाकिस्तान का यह युद्धपोत कोलंबो बंदरगाह पर 15 अगस्त तक रूकेगा,इस दौरान पीएनएस तैमूर के चालक दल के सदस्य दोनों देशों की बीच सहयोग और सद्भावना को बढ़ावा देने के लिए श्रीलंका नौसेना के कई कार्यक्रमों में भाग लेंगे। पहले ऐसी रिपोर्ट थी कि पीएनएस तैमूर 15 अगस्त को कोलंबो से वापसी के बाद हिंद महासागर में श्रीलंकाई नौसेना के साथ युद्धाभ्यास करेगा। लेकिन श्रीलंका ने इन रिपोर्टों को भ्रामक बताते हुए खारिज कर दिया है।

गौरतलब है कि इस समय ताइवान-चीन के बीच भीषण तनातनी बढ़ी हुई है,ऐसे में अमेरिका व भारत सहित अन्य मित्र देश चीन और पाकिस्तान की सभी गतिविधियों पर पैनी नजर रखे हुए हैं,जहां इसी बीच यह रिपोर्ट सामने आई कि चीन का एक जासूसी जहाज श्रीलंका के हंसनेटोटा में कुछ रूकेगा,इसे लेकर भारत कोलंबो को कड़ी आपत्ति जताया जहां शुरूआत में तो श्रीलंका मान गया और चीन को रोक दिया लेकिन बाद में यह खबर आई कि श्रीलंका अब पलट गया है और चीन के जासूसी जहाज को अपने यहां आने की अनुमति दे दिया है। वहीं इसी बीच यह भी जानकारी सामने आई कि पाकिस्तान का एक युद्धपोत जो कि चीन द्वारा निर्मित है वह बांग्लादेश से होते हुए श्रीलंका आ रहा है। जहां बांग्लादेश ने पाक के युध्दपोत को अपने बंदरगाह पर रूकने से साफ इंकार कर दिया,इसके बाद पाकिस्तान का यह युद्धपोत अब श्रीलंका पहुंचा हुआ है,जिसे लेकर एक रिपोर्ट सामने आई कि श्रीलंका और पाकिस्तान की नेवी हिंदमहासागर में एक संयुक्त युद्धाभ्यास को अंजाम देने वाले हैं। जिस पर भारत भढ़क गया। जहां श्रीलंका ने इस ड्रिल को एक अफवाह करार दिया है।

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