
सांकेतिक तस्वीर।
नई दिल्ली। दुश्मन के निशाने पर हर दम रहने वाले भारत के NSA चीफ अजीत डोभाल की सुरक्षा में हुई चूक के मामले में केंद्रीय अर्धसैनिक बल (CISF) के 3 कमांडो को नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया है। इसके अलावा बल के DIG और कमांडेंट रैंक के दो अफसरों का भी ट्रांसफर कर दिया गया है।
दरअसल,फरवरी 2022 में जब एक संदिग्ध शख्स कार लेकर डोभाल के दिल्ली स्थित सरकारी आवास में घुसने की कोशिश कर रहा था। इस दौरान डोभाल की सुरक्षा में तैनात सुरक्षाकर्मियों ने उसे गिरफ्तार कर लिया था। पकड़े जाने के बाद उसने कहा कि उसकी बॉडी में चिप लगी है और रिमोट से चलाया जा रहा है। जांच में उसकी बॉडी में कोई चिप नहीं मिली।
जहां आगे की पूछताछ उसने में बताया कि वह कर्नाटक का रहने वाला है और किराए की कार चला रहा था। उसकी पहचान बेंगलुरु के शांतनु रेड्डी के तौर पर हुई थी। पुलिस के मुताबिक उसकी मानसिक हालत ठीक नहीं लग रही थी। दिल्ली पुलिस की स्पेशल टीम ने भी उससे पूछताछ की थी।
चूंकि,अजित डोभाल दिल्ली के सबसे सुरक्षित इलाके लुटियंस जोन के 5 जनपथ बंगले में रहते हैं। इससे पहले पूर्व प्रधानमंत्री इंद्र कुमार गुजराल यहीं रहते थे। डोभाल के बंगले के पास ही कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का बंगला भी है। डोभाल को Z+ कैटेगरी की सुरक्षा मिली है। जहां उनकी सुरक्षा CISF के कमांडो करते हैं।
बता दे कि अपने कैरियर में डोभाल दुश्मन के खिलाफ तमाम आॅपरेशन को लीड कर चुके हैं,जहां इस दौरान दुश्मन को डोभाल के चलते भारी नुकसान का सामना करना पड़ा था तो ऐसे में डोभाल की सुरक्षा में लापरवाही सुरक्षा में एक बड़ी चूक के रूप में सामने आई। जहां इस पूरे घटनाक्रम की उच्चस्तरीय जांच की गई,इसके बाद संबंधित तीनों कमांडो को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया तथा अन्य उच्चस्तरीय अधिकारियों का तबादला कर दिया गया। जहां इस कार्यवाही की रिपोर्ट को केंद्रीय गृह मंत्रालय ने बुधवार को सार्वजनिक किया।
