
सांकेतिक तस्वीर।
कीव/मॉस्को। आॅपरेशन क्रीमिया/यूक्रेन के जनक तथा रूसी राष्ट्रपति पुतिन के बेहद करीबी “अलेक्जेंडर दुगिन” की बेटी की दो दिन पहले बम विस्फोट में हुई मौत में रशियन ऐजेंसी ने सोमवार को खुलासा करते हुए कहा कि इस हत्याकांड की साजिश यूक्रेन की इंटेलीजेंस ऐजेंसी ने ही रची थी। बता दे कि दारिया की मौत शनिवार शाम को एक कार धमाके में उस वक्त हुई जब वह खुद अपनी टोयोटा लैंड क्रूजर को ड्राइव कर रही थीं। वहीं,रूस के इन आरोपो को यूक्रेन ने सिरे से खारिज कर दिया है।
दरअसल,पिछले छह महीने के रूस-यूक्रेन जंग में यह मॉस्को में पहली राजनीतिक हत्या है। ऐसे में रूस द्वारा इसका बदला लेना स्वभाविक है जिससे यूक्रेन की चिंताएं बढ़ गई हैं। बता दे कि सोमवार को रशियन ऐजेंसी एफएसबी ने एक बयान जारी करते हुए कहा कि इस घटनाक्रम में ऐजेंसी का शक उस एक यूक्रेनी महिला पर है जो जुलाई के आखिर में अपनी 12 साल की बेटी के साथ रूस आई थी। जहां यह पाया गया है कि यूक्रेन की स्पेशल सर्विसेस ने ही इस हत्याकांड की साजिश रची और इसे अंजाम
रशियन ऐजेंसी ने आगे यह भी दावा किया कि यह यूक्रेनी महिला दारिया पर नजर रखने के लिए उनके पास वाले एक फ्लैट में रह रही थी। तथा वह हत्या वाली रात उस फेस्टिवल में भी शामिल हुई जिसमें दारिया मौजूद थीं। वहां से निकलने के पांच मिनट बाद हीं दारिया की कार में लगा बम ब्लास्ट हो गया और वह विस्फोट की चपेट में आने से मर गईं। हालांकि,इस हमले को लेकर रुसी मीडिया व अन्य विश्लेषकों ने पहले ही यूक्रेन पर शक जाहिर कर दिया था।
बता दे कि दारिया दुगिन अलेक्जेंडर दुगिन की बेटी थीं। कहा जाता है कि अलेक्जेंडर दुगिन ने ही रूसी राष्ट्रपति पुतिन को उकसा कर वर्ष 2014 में क्रीमिया और अब यूक्रेन के खिलाफ युद्ध करवा रहे हैं,चर्चा तो यहां तक है कि अलेंक्जेंडर ने ही इस पूरे आॅपरेशन का ब्लू प्रिंट भी तैयार किया था। शायद यही वजह रही होगी कि दारिया यूक्रेन के निशाने पर आ गई थी,दारिया पेशे से खुद एक पत्रकार व राजनीतिक विश्लेषक भी थी तथा पुतिन की बहुत बड़ी समर्थक भी रही। यूक्रेन में चल रहे भीषण लड़ाई में वह पुतिन के साथ खड़ी रही। इसी कारण अमेरिका और ब्रिटेन ने उन्हें पहले से ही प्रतिबंधित कर रखा है।
