
चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग, साभार-(सोशल मीडिया)
बीजिंग/वाशिंग्टन। जेनेवा में स्थित संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय ने बुधवार को जैसे ही चीन द्वारा ऊईगर मुस्लिमों के साथ सालों से की जा रही क्रूरता की रिपोर्ट सामने लाया,चीन एकदम से बौखला गया। और संयुक्त राष्ट्र की इस रिपोर्ट को खारिज कर दिया है,दरअसल,इस रिपोर्ट में खुलासा करते हुए दावा किया गया है कि चीन के शिनजियांग प्रांत में उईगर और अन्य मुस्लिम जातीय समूह के लोगों को चीनी सरकार द्वारा जबरन नजरबंद रखना मानवता के खिलाफ अपराध के दायरे में आ सकता है। वहीं,मानवाधिकार समूहों और जापान की सरकार ने इस रिपोर्ट का स्वागत किया है। बता दे कि जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय ने एक रिपोर्ट में कहा कि चीन ने अपनी आतंकवाद और उग्रवाद रोधी नीतियों के तहत मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन किया है। इतना ही नहीं इस संगठन ने संयुक्त राष्ट्र,विश्व बिरादरी और खुद चीन से इस पर तत्काल ध्यान देने का आह्वान भी किया है।
वहीं,जिनेवा में स्थित चीन के राजनयिक ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए संयुक्त राष्ट्र के इस रिपोर्ट का कड़ा विरोध करते हुए कहा कि इस रिपोर्ट में शिनजियांग में किए गए मानवाधिकार संबंधी कार्यों की उपलब्धियों और आबादी को आतंकवाद व उग्रवाद से हुए नुकसान की अनदेखी की गई है। इतना ही नहीं चीनी राजनयिक मिशन ने इस रिपोर्ट को चीन विरोधी तत्वों का कृत्य करार दिया और कहा कि यह गलत जानकारी व झूठ पर आधारित है,जिसका उद्देश्य चीन की छवि धूमिल करना है।
इससे पहले,संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार प्रमुख मिशेल बैचलेट ने रिपोर्ट को रोकने के चीन के अनुरोध को खारिज कर दिया। मालूम हो कि बैचलेट ने इस साल के मई में शिनजियांग की यात्रा की थी,जिसके बाद यह रिपोर्ट सामने आयी है। इस रिपोर्ट ने क्षेत्र के मूल उइगर और अन्य प्रमुख मुस्लिम जातीय समूहों के अधिकारों पर पश्चिमी देशों के साथ राजनयिक प्रभाव को लेकर रस्साकशी शुरू की है। उधर,पश्चिमी राजनयिकों और संयुक्त राष्ट्र के अधिकारियों ने कहा कि रिपोर्ट लगभग तैयार थी,लेकिन बैचलेट का चार साल का कार्यकाल पूरा होने से कुछ ही मिनटों पहले इसे जारी किया गया।
बताते चले कि इससे पहले कई खोजी पत्रकारों,स्वतंत्र मानवाधिकार समूहों ने शिनजियांग में वर्षों से मानवाधिकार उल्लंघन पर कई चौंकाने वाला रिपोर्ट कर चुके है। लेकिन बैचलेट की इस रिपोर्ट पर संयुक्त राष्ट्र तथा उसके सदस्य देशों की अब मुहर लगी है। हालांकि,रिपोर्ट जारी होने से कुछ देर पहले ही संयुक्त राष्ट्र में चीन के राजदूत झांग जून ने कहा था कि बीजिंग इस रिपोर्ट का दृढ़ता से विरोध करता है।
गौरतलब है कि चीन में ऊईगर मुस्लिमों को चीनी सरकार द्वारा पिछले कई सालों से लगातार क्रूरतापूर्वक टारगेट किया जा रहा है,जिसे यहां शब्दों में बयां करना काफी नहीं होगा। भुक्तभोगियों की माने तो जिन-जिन तरीकों से आये दिन उत्पीड़न किया जा रहा है शायद वैसा कोई आतंकी संगठन भी नहीं करता होगा। बताया जाता है कि चीन के शिनजियांग में चीन ने ऊईगर मुस्लिमों के उपर अत्याचार व जुल्म करने के लिए कई टार्चर सेल बना रखा है जहां इन सेलो को दुनियां की नजरों से छुपाकर रखा गया है। यानि चीन की इच्छा के बिना यहा कोई परिंदा भी पर नहीं मार सकता। हैरानी तब होती है कि जब दुनिया के तमाम मुस्लिम देश जो कि खुद को मुस्लिम रहनुमा बनने का दावा करते हैं लेकिन बात जब चीन के इस क्रूरतापूर्ण हरकत पर होती है तो ऐसे देश खामोश हो जाते हैं।
