एक्सक्लूसिव रिपोर्ट

मुस्लिमों के साथ क्रूरता के मामले में भारत ने चीन की तो किया था बड़ी मदद, बदले में भारत विरोधी आतंकियों को हर बार बचा लेता है चीन, आखिर इस दुश्मन के प्रति क्यों नरमी बरतता है नई दिल्ली ? – अमरनाथ यादव/गौरव बरनवाल


खूंखार आतंकी हाफिज का बेटा तलाह सईद,फोटो साभार -(सोशल मीडिया)

नई दिल्ली/वाशिंग्टन। ऊईगर मुस्लिमों के साथ क्रूरता के संबंध में तो भारत ने हाल में चीन की मदद करते हुए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में वोटिंग से दूरी बना लिया लेकिन बारी जब चीन की आती है तो आदतन भारत विरोधी दृष्टिकोण के चलते चीन हर बार भारत को दगा दे जाता है। दरअसल,चीन ने पाकिस्तान स्थित आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के सरगना हाफिज सईद के बेटे हाफिज तलाह सईद को काली सूची में डालने के भारत और अमेरिका के प्रस्ताव को बुधवार को संयुक्त राष्ट्र में बाधित कर दिया। दो दिन में चीन का यह इस तरह का भारत के खिलाफ दूसरा कदम है।

बता दे कि हाफिज तलाह सईद (46) आतंकवादी समूह लश्कर का आतंकी है। वह 26/11 के मुंबई आतंकवादी हमलों के मास्टरमाइंड हाफिज सईद का बेटा है। इस साल अप्रैल में उसे भारत सरकार ने आतंकवादी घोषित किया था।

बताया जा रहा है कि चीन ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की 1267 अल कायदा प्रतिबंध समिति के तहत प्रस्ताव को बाधित किया। दो दिन में यह दूसरी बार है, जब बीजिंग ने पाकिस्तानी आतंकवादी को वैश्विक आतंकवादी घोषित करने की भारत और अमेरिकी की कोशिश में अड़ंगा डाला है।

चीन ने मंगलवार को लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवादी शाहिद महमूद को वैश्विक आतंकवादी की सूची में शामिल कराने के भारत और अमेरिका के प्रस्ताव को संयुक्त राष्ट्र में बाधित कर दिया था।

अब इसे भारत की कूटनीतिक हार कहा जाये या कुछ और लेकिन एक बात समझ से परे है कि जब चीन नई दिल्ली के खिलाफ सभी मोर्चों पर एक जानी दुश्मन की तरह उसके खिलाफ खड़ा हो जाता है तो फिर क्या मतलब रह जाता है कि भारत का उसकी मदद करने का ? भारत को भी इस दुश्मन के खिलाफ सभी फ्रंट पर हमला करने की बड़ी जरूरत है तभी दुश्मन आपके प्रभाव को समझ सकता है, वर्ना दुश्मन आपको एकदम कमजोर समझेगा।

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