
सांकेतिक तस्वीर।
मॉस्को/कीव। रूस-यूक्रेन जंग के बीच परमाणु हमले की आशंकाओं के दौरान रूसी फौज ने यूक्रेन के खेरसॉन पर पहले से ही किये गये कब्जे वाले इलाकों से वहा रहने वाले नागरिकों को तुरंत शहर छोड़ने के आदेश जारी किया हैं। दरअसल,इसके पीछे रूसी अधिकारियों के हवाले से यह तर्क दिया गया है कि उन्हें डर है कि यूक्रेनी सेना कब्जे की जवाबी कार्रवाई के दौरान आम लोगों को निशाना बना सकती है।
वहीं,एक टेलीग्राम पोस्ट में रूस समर्थक खेरसान प्रशासन ने तनावपूर्ण स्थिति, गोलाबारी और आतंकवादी हमलों के खतरे का हवाला देते हुए लोगों को रूसी क्षेत्र में नीपर नदी के पार जाने का आदेश जारी किया है। इस बीच पश्चिमी देशों को आशंका है कि आम लोगों को निकालने के बाद यूक्रेनी सेना को सबक सिखाने के लिए रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन परमाणु बम का इस्तेमाल कर सकते हैं। यह बम कम क्षमता वाला होगा, जो सिर्फ उन्हीं क्षेत्रों को निशाना बनाएगा, जहां यूक्रेनी सेना की मजबूत स्थिति होगी। क्योंकि,रूसी परमाणु बॉम्बर टीयू-160 और टीयू-95 पहले से ही यूक्रेनी सीमा पर बड़ी संख्या में मौजूद हैं। बता दे कि ये रूसी बॉम्बर एक बार की उड़ान में दुनिया में किसी भी जगह पर स्ट्रैटजिक न्यूक्लियर मिसाइलों को दाग सकते हैं।
उधर,रूस के इस कदम को लेकर यूक्रेन ने स्थानीय निवासियों से उन्हें दूसरी जगह भेजने के प्रयासों का विरोध करने का आग्रह किया है। चूंकि,यूक्रेन का आरोप है कि मॉस्को आम यूक्रेनी नागरिकों को बंधक बनाना चाहता था और उन्हें मानव ढाल के रूप में इस्तेमाल करना चाहता है। इसलिए वह हमारे लोगों को अपने सुरक्षा क्षेत्र में लेकर जा रहा है। पुतिन ने बुधवार को खेरसॉन और दक्षिण-पूर्वी यूक्रेन के तीन क्षेत्रों में मार्शल लॉ लगाने की एक डिक्री पर हस्ताक्षर किया था। वे पहले ही इन क्षेत्रों को रूस का हिस्सा घोषित कर चुके हैं। यूक्रेन समेत पश्चिमी देशों ने पुतिन के इस कदम को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया है। वहीं, रूस का दावा है कि इन इलाकों को जनमत संग्रह करवाने के बाद शामिल किया गया है, जिसमें दुनियाभर के कई देशों ने अपने पर्यवेक्षक भी तैनात किए थे। इस जनमत संग्रह के दौरान लोगों ने बहुमत से खुद को रूसी क्षेत्र में शामिल होने की रजामंदी दी थी। हालांकि, यूक्रेन का दावा है कि इस दौरान शक्ति का इस्तेमाल किया गया और जमकर धांधली भी हुई।
इस दौरान खेरसॉन से लोगों को निकालने के आदेश के बीच रूसी हवाई हमलों ने यूक्रेन में तबाही मचाई हुई है। रोज रूस के कई अटैक ड्रोन और मिसाइलें यूक्रेनी बिजली संयंत्रों, पानी से स्टेशनों को निशाना बना रहे हैं। इस काऱण अभी तक यूक्रेन के 40 फीसदी पावर स्टेशन तबाह हो चुके हैं। यूक्रेन ने दावा किया है कि उनकी एयर डिफेंस ने शनिवार को कई रूसी ड्रोन और मिसाइलों को मार गिराया। इसके बावजूद कई मिसाइलों और ड्रोन अपने निशानों को तबाह करने में कामयाब हुए हैं। यूक्रेनी वायु सेना ने शनिवार को एक बयान में कहा कि रूस ने कई महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्टर को टॉरगेट करते हुए मिसाइल हमला किया है। यूक्रेनी एयर डिफेंस ने रूस की 33 क्रूज मिसाइलों में 18 को मार गिराया है। शनिवार दोपहर दो बजे तक पूरे यूक्रेन में हवाई हमलों के सायरन की आवाजें सुनाई दी। कीव समेत कई बड़े शहरों में बड़ी संख्या में लोग अब भी बंकरों में शरण लिए हुए हैं। इतना ही नहीं कीव के मेयर विटाली क्लिट्स्को ने टेलीग्राम मैसेजिंग सर्विस पर कहा कि शनिवार सुबह राजधानी कीव को निशाना बनाकर कई रॉकेट दागे गए। फिलहाल,यह जंग दिन ब दिन बेहद खतरनाक होती जा रही है, जिस कारण परमाणु हमले की आशंका पहले से कही अधिक मजबूत होती दीख रही है, हालांकि, रूस की तरफ से परमाणु हमले की तैयारियों को देखते हुए नाटों भी परमाणु मिसाइलों की ड्रिल शुरू कर चुका है, अब बात अटकी है कि पहले आप पहले आप में।
