
इंडियन आर्मी,फाइल फोटो, साभार -(इंडियन आर्मी के नार्दन कमांड के ट्वीटर से)
श्रीनगर। भारतीय सीमा पर दुश्मन की तरफ से जारी घुसपैठ की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए भारतीय सेना ने कड़े कदम उठाए हैं,जिसके बाद नापाक हरकत करने से पहले पाकिस्तान दस बार सोचेगा। दरअसल,लाइन ऑफ कंट्रोल (LoC) पर दुश्मन के ड्रोन निगरानी से निपटने के लिए सेना ने क्वाडकॉप्टर जैमर और मल्टी-शॉट गन सहित दो सिस्टम लगाए हैं।
बता दे कि सेना के सूत्रों ने दावा किया है कि सेना ने नियंत्रण रेखा पर क्वाडकॉप्टर जैमर लगाए हैं, जिन्हें एक्वा जैमर कहा जाता है और वे मल्टी शॉट गन द्वारा सपोर्टेड हैं। एक्वा जैमर की क्षमता 4,900 मीटर की ऊंचाई तक होती है। ये एक्वा जैमर दुश्मन के ड्रोन को फ्रीज करने से पहले उसके ऑपरेटर के साथ सीमा पार से उसकी कनेक्टिविटी को तोड़ देते हैं। बाद की कार्रवाई के बाद इसे नीचे लाने के लिए मल्टी वेपन प्लेटफॉर्म पर लगे मल्टी शॉट गन द्वारा दूसरे एक्शन लिए जाते हैं। कई जवान इन दो मशीनों को चलाते हैं।
बताया जा रहा है कि यह एक्वा जैमर 5 किमी की रेंज तक ड्रोन सिग्नल का पता लगा सकता है। मल्टी वेपन प्लेटफॉर्म के बारे में सूत्रों ने कहा कि इस पर लगी तीन बंदूकें त्रिकोणीय प्रारूप में एक बार में नौ शॉट फायर करती हैं, जिससे दुश्मन के ड्रोन की आग से बचने की कोई गुंजाइश नहीं रहती है। दोनों सिस्टम्स को एलओसी से करीब 400 मीटर पीछे तैनात किया गया है। सूत्रों ने आगे भी बताया कि निगरानी केंद्र कैमरों और थर्मल इमेजर्स से लैस हैं और 24×7 काम करते हैं ताकि दुश्मन द्वारा किसी भी शरारत का पता लगाया जा सके।
गौरतलब है कि इस साल जनवरी से सितंबर महीने तक, 191 पाकिस्तानी ड्रोन भारतीय क्षेत्र में घुसे, जिनमें से 171 पंजाब सेक्टर में और 20 जम्मू सेक्टर में देखे गए,इस दौरान कइयों को तो फायरिंग के दौरान मार गिराया गया जबकि कुछ वापस भागने में सफल रहे।
