एक्सक्लूसिव रिपोर्ट

चीन ने एक बार फिर किया जंगी ऐलान, कहा युध्द हीं विकल्प, पड़ोसी देश हुए सतर्क – हेमंत सिंह/नित्यानंद दूबे


सांकेतिक तस्वीर।

बीजिंग। दुनिया में जारी भीषण जंगी तनातनी के बीच चीन के राष्‍ट्रपति शी जिनपिंग ने साफ कर दिया है कि देश की सुरक्षा अस्थिर होती जा रही है और बहुत ही अनिश्चित है। ऐसे में चीन का एकमात्र लक्ष्‍य खुद को युद्ध है और खुद को इसके लिये तैयार करना है। इससे पहले भी जिनपिंग ने पिछले ही महीने मिलिट्री के तुरंत विकास की बात कही थी। इसके बाद ही उन्‍होंने अब यह चेतावनी दी है।

वहीं,जिनपिंग के युद्ध के लिये तैयार रहने वाले ऐलान ने उसके पड़ोसी देशों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। उनके इस बयान से आशंका जताई जा रही है कि चीन, ताइवान पर हमला कर सकता है जिस पर वह अपना दावा करता है। दुनिया की दूसरे नंबर की आर्थिक महाशक्ति और सबसे बड़ी सेना वाला चीन बार-बार ताइवान को जबरन अपनी सीमा में मिलाने की धमकी देता है।

हालांकि,ताइवान को अमेरिका का पूरा संरक्षण मिला हुआ है। ऐसे में अगर चीन, ताइवान पर हमला कर देता है तो निश्चित तौर पर इस संघर्ष में अमेरिका भी शामिल होगा। चूंकि,अमेरिका हमेशा इस बात को कहता आया है कि वह ताइवान की रक्षा करने के लिये हमेशा आगे आयेगा। साथ ही उसकी तरफ से ताइवान को उसकी रक्षा के लिए हथियार भी मुहैया कराये जा रहे हैं।

यही नहीं जापान, ताइवान के सबसे करीब है और अमेरिका का सबसे बड़ा साझीदार भी है। अमेरिका की तरफ से चीन की तरफ से मौजूद खतरे के मद्देनजर पहले ही इस बात का ऐलान कर दिया गया था कि वह परमाणु क्षमता से लैस बॉम्‍बर्स को ऑस्‍ट्रेलिया में तैनात कर देगा।

गौरतलब है कि इस साल के अगस्‍त में जब अमेरिकी कांग्रेस की स्‍पीकर नैंसी पेलोसी ताइवान गई थीं तो उसके बाद से ही चीन का पारा हाई है। चीन ने ताइवान की घेराबंदी के मद्देनजर सबसे बड़ी मिलिट्री ड्रिल को अंजाम दिया। पेलोसी के ताइवान दौरे को चीन ने अपने आंतरिक मामलों में अमेरिका का हस्‍तक्षेप की कोशिश माना था। चीन की तरफ से ताइवान जलडमरूमध्यजल के चारों तरफ जहाज और प्‍लेन भेजे गये थे। यह दोनों देशों के बीच एक बफर जोन है। कुछ लोगों ने इसे एक तरह की नाकाबंदी माना था जिसके बाद हमले की आशंका काफी बढ़ गई थी।

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