एक्सक्लूसिव रिपोर्ट

काबुल एअरपोर्ट के बैरिकेडिंग पर अपनी जान बचाने की गुहार लगा रही हैं अफगानी लड़कियां US मिलीट्री से – राकेश पांडेय (स्पेशल एडिटर)

नई दिल्ली:
अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे के बाद हालात बहुत खराब हैं. काबुल एयरपोर्ट से आने वाली तस्वीरें भयावह हैं. लोग किसी भी तरह से देश से बाहर निकलना चाहते हैं. इन लोगों का कहना है कि तालिबान के साथ रहना मुश्किल है. हालांकि तालिबान कह रहा है कि महिलाओं को शिक्षा और काम की आजादी दी जाएगी. बुर्का बेशक न पहनें, हिजाब पहनना होगा. इसी बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो और वायरल हो रहा है, जिसमें एक बच्ची अमेरिकी सैनिकों के आगे गुहार लगा रही है कि हमें यहां से निकालो, तालिबान मार देगा. वीडियो में दिख रहा है कि लड़की रोते हुए गुहार लगा रही है कि बचा लो, तालिबान मार देगा. इस वीडियो को अफगानिस्तान में रिपोर्टिंग करने वाले एक स्वतंत्र पत्रकार हिजबुल्ला खान के ट्वीटर हैंडल से शेयर किया गया है. हालांकि हम इस वीडियो की पुष्टि नहीं कर सकते, मगर ये वीडियो वायरल हो रहा है.

यूजर्स इस पर जमकर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए संवेदना जता रहे हैं. एक यूजर ने इस वीडियो पर लिखा है कि इसे देखकर दिल टूटा गया. बहुतों ने इस पूरी घटना के लिए चीन को जिम्मेदार ठहराया. उनका कहना है कि चीन के सपोर्ट के चलते तालिबान अफगानिस्तान पर कब्जा करने में कामयाब हुआ.

तालिबानी कब्जे के खिलाफ पहले विरोध को लेकर देश के नए शासकों की हिंसक प्रतिक्रिया की खबरें भी सुर्खियों में है. स्थानीय मीडिया से जुड़ी खबरों की मानें तो एक विरोध प्रदर्शन में राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया, जिस पर तालिबान ने गोलियां चलाई. इस गोलीबारी में कुछ के घायल होने और मरने की भी खबरें हैं.

रिपोर्ट के मुताबिक- जलालाबाद में बुधवार को विरोध-प्रदर्शन हुआ जिसमें तालिबान का झंडा उतार दिया गया. स्थानीय न्यूज एजेंसी पजवोक अफगान की ओर से ट्वीट किए गए वीडियो में लोग राष्ट्रीय ध्वज लेकर सड़कों पर हैं. इसके बाद गोलियां चलती हैं, मशीनगन से फायरिंग होती है. एक वीडियो और वायरल हो रहा है, जिसके मुताबिक तालिबानी लड़ाकों ने कुछ पत्रकारों को पीटा है.

उधर, तालिबान की ओर से भी नरम रुख के संकेत मिल रहे हैं. तालिबान ने कहा है कि महिलाओं को पूरा शरीर ढंकने वाला बुर्का पहनने को मजबूर नहीं किया जाएगा. उन्हें बस हिजाब पहनना होगा. लड़कियों की पढ़ाई में भी कोई रुकावट नहीं आएगी, लेकिन अगर लोगों को तालिबान की बातों पर विश्वास होता तो वे देश छोड़ने को मजबूर न होते. सड़कों पर प्रदर्शन न करते.

बता दें कि तालिबान में अफरातफरी का माहौल है. हजारों लोग देश छोड़ चुके हैं. हजारों ही देश छोड़ना चाहते हैं. लोगों के पास न वीजा है ना पासपोर्ट, फिर भी एयरपोर्ट के बाहर भीड़ है. बहुतों ने पार्कों में शरण ले रखी है. तालिबान पिछली सरकारों के नुमाइंदों से बातचीत कर रहा है. अब अफगानिस्तान में कैसे हालात रहेंगे ये तो आने वाला वक्त ही बताएगा.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *