सेना के एक न्यायाधीश लेफ्टिनेंट कर्नल मुवाफक अल-मसाइद ने शाह अब्दुल्ला द्वितीय के शीर्ष सहयोगी रहे और अमेरिकी नागरिकता रखने वाले बस्सेम अवदल्लाह व शाही परिवार के सदस्य शरीफ हसन बिन जैद को राजद्रोह और उकसाने के मामले में दोषी पाया। दोनों को 15-15 साल कारावास की सजा सुनाई गई है।
अवदल्लाह और शरीफ को शाह के सौतेले भाई प्रिंस हमजा के साथ साजिश रचने और विदेशी सहायता मांगने के मामले में दोषी पाया गया। एक बंद कमरे में सुनवाई के बाद सोमवार को यह फैसला सुनाया गया। शरीफ के वकील अला अल-खसावनेह ने आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि वे फैसले को चुनौती देंगे।
हालांकि, उन्होंने इस बारे में कोई और टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। उल्लेखनीय है कि इन दोनों लोगों को अप्रैल में गिरफ्तार किया गया था। वहीं, प्रिंस हमजा को नजरबंद रखा गया था। बता दें कि जॉर्डन में सत्तारूढ़ राजशाही के भीतर कलह का यह एक दुर्लभ मामला है जो सार्वजनिक रूप से सामने आया है।
हमजा ने अप्रैल में जारी एक वीडियो संदेश में किसी भी साजिश का हिस्सा होने से इनकार किया था। उन्होंने कहा था कि मुझे सत्ता के भ्रष्टाचार व अक्षमता के खिलाफ बोलने के लिए चुप कराया जा रहा है। शाही परिवार के इस नाटकीय घटनाक्रम ने देश में गहरी जड़ें जमा चुकी आर्थिक व सामाजिक चुनौतियों को उजागर किया है।
वहीं, शाही परिवार ने कहा कि उसने हमजा के साथ विवाद सुलझा लिया है। हमजा की सटीक स्थिति की जानकारी नहीं है, लेकिन उन पर औपचारिक रूप से कभी आरोप नहीं लगाए गए। अवदल्लाह के अमेरिकी वकील ने कहा कि उनके मुवक्किल ने आरोप लगाया है कि जॉर्डन में हिरासत में उनका उत्पीड़न किया गया और उनके जीवन को खतरा है। शाह अब्दुल्ला 19 जुलाई को वॉशिंगटन जाएंगे। वह व्हाइट हाउस में अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन से मिलने वाले पहले अरब नेता होंगे। जॉर्डन पश्चिम एशिया में अमेरिका का निकट सहयोगी है।
