इस्लामाबाद। पाकिस्तान विदेशी आतंकियों को धड़ल्ले से अपने यहां नागरिक पहचान पत्र दे रहा है। अलकायदा और तालिबान जैसे आतंकी संगठनों के सैकड़ों सदस्यों को ऐसे पहचान पत्र जारी हो चुके हैं। पहचान पत्र जारी करने वाली संस्था के अधिकारी और एजेंटों के पकड़े जाने के बाद यह मामला अब परत दर परत खुल रहा है। यही नहीं पाक एफएटीएफ की शर्तो की भी खुली धज्यियां उड़ा रहा है। वह आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई के बजाय उन्हें खुला संरक्षण दे रहा है।
विदेशी आतंकवादियों को पाक नागरिक बनाने के इस गंभीर मामले में नेशनल डाटाबेस एंड रजिस्ट्रेशन अथारिटी (एनएडीआरए) के सहायक निदेशक और एक एजेंट को पकड़ा गया है। इन दोनों ने अब तक अलकायदा और तहरीक-ए-तालिबान सहित कई आतंकवादी संगठनों के सैकड़ों सदस्यों को पाक का नागरिक होने के पहचान पत्र जारी कर दिए हैं। ये आतंकवादी किसी भी देश में पाक के नागरिक बनकर घुस सकते हैं और गंभीर वारदात को अंजाम दे सकते हैं। पाकिस्तान की फेडरल इनवेस्टीगेशन एजेंसी (एफआइए), सिंध के डायरेक्टर अमीर फारुकी ने आतंकवादियों को राष्ट्रीय पहचान पत्र जारी करने की पुष्टि की है।
फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) की ग्रे लिस्ट में होने के बावजूद पाकिस्तान अलकायदा, इस्लामिक स्टेट, तालिबान, हक्कानी नेटवर्क, जमात उद दावा, जैश-ए- मौहम्मद और फालेह-ए-इंसानियत जैसे आतंकी संगठनों के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रहा है, जो उसके यहां पर पनाह लिए हुए हैं।
पिछले चार दशकों से पाकिस्तानी सेना अफगानिस्तान से लेकर कश्मीर तक आतंकियों की फंडिंग कर रही है। पाक में यह धन ड्रग तस्करी से आ रहा है। समय- समय पर यह बात सामने आ चुकी है कि पाक सेना की मदद से पाकिस्तान के जरिए ही भारत सहित कई देशों में नशे का कारोबार चल रहा है।
