अमेरिकी सैनिकों की वापसी के बाद काबुल पर कब्जा जमाते ही अफगानिस्तान में तालिबान राज की वापसी गई है। अफगानिस्तान में अब तालिबान का शासन चलेगा और हर चीज पर उसका कंट्रोल होगा। तालिबान की यह जीत अमेरिका और नाटो सैनिकों की पूरी तरह से वापसी के कुछ हफ्ते पहले हुई है और यह अमेरिका निर्मित हथियारों से ही संभव हुआ, जिन्हें तालिबान लड़ाकों ने जब्त कर लिया था। तालिबान को न सिर्फ अफगानिस्तान हाथ लगा है, बल्कि उसके हाथ जो हथियार और उपकरण लगे हैं, उनमें राइफल और बॉडी आर्मर सूट और कुछ महंगी हथियार प्रणाली शामिल हैं। तो चलिए जानते हैं तालिबानियों के कब्जे में क्या-क्या गया है।
1. तालिबानी लड़ाके फायरआर्म्स और उन सैन्य वाहनों के साथ घूमते हुए नजर आए, जिनका उपयोग अमेरिकी सैनिकों ने किया था या अफगान राष्ट्रीय सुरक्षा बलों को प्रदान किया था। इसके कुछ वीडियो सामने आए हैं, जिनमें वे उन्नत UH-60 ब्लैक हॉक अटैक हेलीकॉप्टर का उपयोग करते हुए दिखते हैं।
2. तालिबानियों ने दशकों से सुन्नी पश्तून समूह से लड़ रहे अफगान सरदार अब्दुल राशिद दोस्तम के महलनुमा आवास पर भी कब्जा कर लिया है। उत्तरी शहर मजार-ए-शरीफ में तालिबान के हमले के दौरान आवास पर कब्जा कर लिया गया था।
3. कुछ तालिबान लड़ाकों को अमेरिकी बंदूकों के लिए अपनी रूसी निर्मित AK-47 राइफलों का व्यापार करते हुए भी देखा गया। इतना ही नहीं, उन्हें अफगान सेना की इकाइयों द्वारा फेंकी गई एम4 कार्बाइन और एम16 राइफलें ले जाते हुए देखा गया था।
4. उत्तरी शहर कुदुज में आत्मसमर्पण करने वाले अफगान सैनिकों के फुटेज में भारी हथियारों से लदे सेना के वाहनों को तालिबानियों के कब्जे में देखा गया और उन्हें तोपों के साथ भी देखा गया।
5. पश्चिमी शहर फराह में देश की खुफिया सेवा का आधिकारिक प्रतीक- एक सांप पर झपट्टा मारते हुए चील के साथ चिह्नित कार में तालिबानियों ने गश्त की।
6. अन्य उपकरणों के अलावा, तालिबान लड़ाकों को हमवी (युद्ध टैंकर), छोटे हथियारों और हल्के हथियारों के साथ-साथ कंधे पर लगे ड्रोन ग्रेनेड लांचर भी हाथ लगी है।
7. तालिबान ने भारत द्वारा अफगानिस्तान को उपहार में दिए गए एमआई-24 हेलीकॉप्टरों को भी अपने कब्जे में ले लिया है। कुंदुज शहर पर जीत हासिल करने के बाद कुछ लड़ाकों ने हेलिकॉप्टर के ठीक बगल में खड़े होकर तस्वीरें क्लिक कीं। फोटो में हेलीकॉप्टर के रोटर ब्लेड गायब थे, यह दर्शाता है कि तालिबान को उनका इस्तेमाल करने से रोकने के लिए अफगान बलों ने उन्हें हटा दिया था।
