इन्वेस्टिगेटिव रिपोर्ट

LAC बार्डर के पास दुश्मन की एक और बड़ी साजिश का हुआ खुलासा, दावें में बताया गया कि पहले पुल बनाया अब सड़क बनाने में जुटा चाइना – राकेश पांडेय/रविशंकर मिश्र


सांकेतिक तस्वीर।

नई दिल्ली/बीजिंग। यूं तो अक्सर LAC बार्डर पर भारत के खिलाफ दुश्मन द्वारा तरह-तरह की साजिश रचने की रिपोर्ट सामने आती रही है,लेकिन सोमवार को जो रिपोर्ट आई है वह भारत की चिंताएं बढ़ा देगी,सेटेलाईट ईमेज की रिपोर्ट के हवाले से किये गये दावें में कहा जा रहा है कि लाइन आफ एक्चुल बार्डर के पास स्थित पैंगोंगत्सो पर चीन द्वारा पुल बनाने के बाद अब चीन तेजी से सड़क बनाने में जुट गया है।

बताया जा रहा है कि चीन द्वारा निर्माणाधीन इस सड़क को झील के दक्षिणी किनारे पर बनाया जा रहा है। जो कि साफ संकेत देता है कि किसी भी विवाद की स्थिति में चीनी सैनिकों को उनके बेस कैंप से एलएसी के नजदीक पहुंचाना बेहद आसान होगा। इस दावें में यह भी कहा गया है कि यह रोड उसी इलाके के नजदीक बन रही है,जहां पिछले साल भारतीय सेना ने कब्जा जमा लिया था। जहां,दोनों हीं पक्षों के बीच कई दौर की सैन्य वार्ताओं के बाद दोनों देशों की सेनाएं वहां से पीछे हट गई थी।

दरअसल,सैटेलाइट इमेजरी का विश्लेषण करने वाले ट्विटर हैंडल @detresfa_ ने एक बड़ा दावा करते हुए यह साफ किया है कि यह सड़क पैंगोंग के दक्षिणी किनारे पर बनाई जा रही है। इसका एक सिरा इसी साल जनवरी में दिखाई दिए एक पुल के करीब पहुंचता नजर आ रहा है। जहां इस रिपोर्ट में आगे यह भी बताया गया है कि सबसे ज्यादा संभावना है कि इस पुल को चीन के रुतोंग काउंटी से जोड़ा जाए। इससे चीन के सैनिकों को इस इलाके में तेजी और बेहद आसानी से पहुंचने में मदद मिल सकेगी।

गौरतलब है कि पैंगोंग त्सो झील भारत-चीन सीमा पर 14,000 फीट से भी ज्‍यादा ऊंचाई पर स्थित है। 135 किलोमीटर लंबी यह झील 604 वर्ग किलोमीटर से भी ज्‍यादा एरिया में फैली है। कहीं-कहीं इसकी चौड़ाई 6 किलेामीटर तक है। इस झील का 45 किलोमीटर क्षेत्र भारत में स्थित है, जबकि 90 किलोमीटर क्षेत्र चीन में पड़ता है। इस झील का रणनीतिक महत्व काफी ज्यादा है।

चूंकि,पैंगोंग झील पर पुल बनाने का खुलासा इसी साल जनवरी के शुरुआत में हुआ था। यह पुल पैंगोंग झील पर चीन के कब्जे वाले इलाके में बनाया गया है। बताया जा रहा है कि यह पुल झील के उत्तरी किनारे को दक्षिणी किनारे से जोड़ता है जो फिंगर 8 से 20 किमी पूर्व में है। इसके बारे में जानकारी रखने वाले लोगों ने बताया है कि गलवान घाटी क्षेत्र के पास चीन अपनी तरफ के हिस्से में एक पुल बना रहा है। इसके जरिए चीन पूरे अक्‍साई चिन इलाके में भारत के खिलाफ अपनी स्थिति को मजबूत करना चाहता है।

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