
चीफ आफ आर्मी स्टाफ जनरल मनोज पांडे (फाईल फोटो)
नई दिल्ली। चीन से लगती वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर दुश्मन को समय पर काउंटर करने के लिए भारतीय सेना चीफ आफ आर्मी स्टाफ जनरल मनोज पांडे के लीडरशिप में पूरी तरह से पहले से भी अधिक सतर्क और तैयार है। बता दे कि सेना ने अतिरिक्त छह डिवीजन को LAC के पास तैनात कर दी है। बताया जा रहा है कि इसके लिए सैनिकों को दूसरे अहम मोर्चो से बुलाया गया है। इनमें लद्दाख में पाकिस्तान के मोर्चे पर तैनात जवानों से लेकर पूर्वोत्तर में आतंकवाद रोधी अभियानों में जुटे सैनिक भी शामिल हैं।
दरअसल,आर्मी चीफ बनने के बाद जनरल मनोज पांडे ने अपनी पहली यात्रा LAC पर हीं किया,जहां वें इस दौरान चीन के साथ सीमा पर भारतीय सेना के सैनिकों की स्थिति और तैनाती का जायजा लिया। गौरतलब है कि दो साल पहले चीनी सेना के साथ भारतीय सेना का गलवान में हिंसक झड़पें हुई थी। जहां इसके बाद हीं काउंटर टेररिस्ट राष्ट्रीय राइफल फोर्स (एक डिवीजन के बराबर) की अतिरिक्त तैनाती के साथ 3 डिवीजन को मजबूत किया गया है।
वहीं,पाकिस्तान की सीमा के साथ पूर्वोत्तर में आतंकरोधी अभियान में तैनाती में भी बड़ा बदलाव किया जा रहा है। उधर,उत्तरी सीमा पर जो छह डिवीजन तैनात की गई हैं, इनमें से तीन पाकिस्तान की सीमा पर तैनात थीं।
भारतीय सेना ने उत्तरी कमान को मजबूत करने के लिए आरक्षित बलों के रूप में लद्दाख सेक्टर की देखभाल के लिए वन स्ट्राइक कोर पर दो डिवीजन भी नियुक्त किए हैं। वन स्ट्राइक कॉर्प्स पहले पूरी तरह से पाकिस्तान के मोर्चे पर केंद्रित थी,लेकिन अब यह पूरी तरह से उत्तरी सीमाओं पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
इस बीच पूर्वी क्षेत्र को मजबूत करने के लिए 17 स्ट्राइक कोर अब वास्तविक नियंत्रण रेखा के साथ पूर्वी क्षेत्रों के लिए पूरी तरह तैयार है और इसके जिम्मे पूरे पूर्वोत्तर की देखभाल है। असम में सेना ने आतंकवाद विरोधी अभियानों में लगे डिवीजन को वहां से हटाकर चीन सीमा की देखभाल करने के लिए लगा दिया है।
बता दे कि भारत के नए आर्मी चीफ द्वारा अचानक किये गये इस बदलाव को बड़ी रणनीति के रूप में देखा जा रहा है,चूंकि आर्मी चीफ बनने से पहले जनरल मनोज पांडे भारतीय सेना के इस्टर्न कमांड को लीड कर चुके हैं,जहां वें दुश्मन की हर चाल को बखूबी समझते हैं,ऐसे में चीफ आफ आर्मी स्टाफ बनते हीं जनरल पांडे ने सबसे पहले लद्दाख बार्डर का हीं दौरा किये,वहीं अब इस तरह के बदलाव दुश्मन को सीधा सांकेतिक जवाब है कि वह इधर देखने से पहले हजार बार सोचे कि भारतीय सेना इस समय जबरदस्त तैयारी के साथ बैठी है।
