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नार्दन एलायंश आर्मी ने पंजशीर घाटी पर हमला करने वाले तालिबानियों को उड़ाकर उनके टैंकों पर किया कब्जा – रविशंकर मिश्र (एडिटर इन आपरेशन)

काबुल
अफगानिस्‍तान में तालिबान और नॉर्दन एलायंस के नेता अहमद मसूद के बीच बातचीत टूट जाने के बाद पंजशीर घाटी में भीषण युद्ध का दौर तेज हो गया है। पंजशीर घाटी में घुसे तालिबानी आतंकियों को मसूद समर्थकों ने करारा झटका देते हुए उनके एक टैंक को उड़ा दिया है। इस हमले में 13 तालिबानी मारे गए हैं। पंजशीर घाटी अफगानिस्‍तान में एकमात्र ऐसी जगह है जहां पर तालिबान का कब्‍जा नहीं हो पाया है।

विद्रोहियों के ट्विटर अकाउंट पर दी गई जानकारी में कहा गया है कि पंजशीर प्रांत के चिकरीनोव जिले में विद्रोहियों के घात लगाकर की गई कार्रवाई में तालिबान के 13 सदस्‍य मारे गए हैं। तालिबान का एक टैंक भी तबाह हो गया है।’ मसूद की सेना के प्रवक्‍ता फहीम दाष्टि ने कहा क‍ि यह लड़ाई पंजशीर घाटी के पश्चिमी प्रवेश द्वार पर हुई है। इस जगह पर तालिबान ने हमला किया था।

जवाबी कार्रवाई में तालिबानी टैंक तबाह हो गया
फहीम ने कहा क‍ि तालिबान ने यह हमला संभवत: पंजशीर घाटी की सुरक्षा का परीक्षण करने के लिए किया था। उन्‍होंने कहा क‍ि जवाबी कार्रवाई में तालिबानी टैंक तबाह हो गया है। हमले में 8 तालिबानी मारे गए हैं और इतने ही लोग घायल हो गए हैं। विद्रोही दल के दो सदस्‍य भी घायल हो गए हैं। इससे पहले के हमले में तालिबान को 40 लड़ाकुओं को खोना पड़ा था। अब तक ब्रिटेन, सोवियत संघ या तालिबान किसी ने पंजशीर घाटी में सफलता नहीं पाई है।

इस घाटी में हजारों की तादाद में एंटी तालिबान लड़ाके यहां जमा हैं और तालिबान को करारा जवाब दे रहे हैं। उन्‍होंने नॉर्दन एलायंस का झंडा बुलंद किया है जो वर्ष 1996 से लेकर 2001 के बीच में तालिबान का विरोध कर चुका है। अहमद मसूद ने तालिबान से मांग की है क‍ि नई सरकार में अल्‍पसंख्‍यकों को भी उचित प्रतिनिधित्‍व‍ दिया जाए। इसे तालिबानी मान नहीं रहे हैं। वे ताकत के बल पर पंजशीर पर कब्‍जा करना चाहते हैं।

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