स्पेशल रिपोर्ट

पाकिस्तान के विदेश मंत्री ने कहा कि उनके देश में अमेरिका का एक भी मिलीट्री एअरबेस कभी नहीं था और ना ही है -रविशंकर मिश्र (एडिटर इन आपरेशन)

इस्‍लामाबाद। पाकिस्‍तान में अमेरिकी सेना के एयरबेस की मौजूदगी पर लगाई जा रही अटकलों को मंगलवार को विदेश मंत्रालय के प्रवक्‍ता ने विराम देने की कोशिश की है। प्रवक्‍ता जाहिद हाफिज चौधरी ने इस तरह की अफवाहों को तर्कहीन, अर्थहीन और झूठा करार दिया है। उनहोंने एक प्रेसवार्ता के दौरान साफ किया है कि पाकिस्‍तान में अमेरिकी सेना की न तो कोई मौजूदगी है और न ही उसका कोई एयरबेस ही है। उन्‍होंने ये भी साफ किया है कि इस तरह का सरकार के पास कोई प्रपोजल भी नहीं है। उनके मुताबिक इस तरह की अफवाहों से बचने की जरूरत है।
चौधरी ने इस बारे में ट्वीट भी किया है। अपने एक ट्वीट में उन्‍होंने कहा है कि अमेरिका के साथ पाकिस्‍तान मिलकर एयरलाइन कम्‍युनिकेशन और ग्राउंड लाइंस ऑफ कम्‍युनिकेशन के तहत वर्ष 2001 से ही काम कर रहा है। हालां‍कि इस संबंध में दोनों देशों के बीच कोई नया समझौता नहीं हुआ है। पाकिस्‍तान की तरफ से ये बयान ऐसे समय में आया है, जब अमेरिका के रक्षा विभाग ने कुछ दिन पहले ही अपने बयान में कहा था कि पाकिस्‍तान ने अमेरिकी सेना को अपने एयरस्‍पेस का इस्‍तेमाल करने की इजाजत दे दी है। इस बयान में ये भी कहा गया था कि अमेरिकी सेना को पाकिस्‍तान में ग्राउंड एक्‍सेस की भी मंजूरी मिली है। ये सब अफगानिस्‍तान के दबाव में किया गया है।
डिफेंस फॉर इंडो-पैसिफिक अफेयर्स के असिस्टेंट सेक्रेटरी डेविड एफ हेल्‍वे ने इसकी जानकारी यूएस सीनेट आर्म्‍ड फोर्स कमेटी को पिछले सप्‍ताह दी थी कि वो इस संबंध में पाकिस्‍तान के साथ वार्ता कर रहा है। उनका कहना था कि पाकिस्‍तान का अफगानिस्‍तान की शांति प्रक्रिया में एक अहम रोल है। उन्‍होंने ये बात सीनेट में आए एक सवाल के जवाब में कही थी। अमेरिकी सेना से जुड़ा ये प्रश्‍न वर्जीनिया के सीनेटर ने उठाया था। उन्‍होंने ये भी जानना चाहा था कि वो पाकिस्‍तान के बारे में और वहां की इंटेलिजेंस एजेंसी के बारे में क्‍या राय रखते हैं। इसके साथ ही भविष्‍य को लेकर भी उन्‍होंने सवाल पूछा था।
जवाब में उन्‍होंने कहा था कि अफगानिस्‍तान में पाकिस्‍तान एक अहम भूमिका निभा रहा है। वो अफगानिस्‍तान शांति प्रक्रिया को समर्थन दे रहा है। पाकिस्‍तान ने अफगानिस्‍तान में शांति बहाली को देखते हुए अमेरिकी सेना को अपने यहां पर एक्‍सेस की इजाजत भी दी है। पाकिस्‍तान के अखबार द डॉन ने अमेरिका में अपने डिप्‍लोमैटिक सूत्रों के हवाले से लिखा है कि पाकिस्‍तान हमेशा से ही अमेरिकी सेना को अपने यहां से एक्‍सेस देता रहा है ओर ये आगे भी जारी रहेगा।

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