इन्वेस्टिगेटिव रिपोर्ट

उदयपुर की घटना में हड़कंप मचाने वाले कई दावें आ रहे हैं सामने, वहीं NIA राज्य की ऐजेंसियों के दावे को अभी नहीं कर रही स्वीकार – चंद्रकांत मिश्र/हेमंत सिंह


सांकेतिक तस्वीर।

उदयपुर/नई दिल्ली। उदयपुर के टेलर कन्हैयालाल की हत्या के मामले में राजस्थान की एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) और केंद्रीय ऐजेंसी NIA आपस में ही एक-दूसरे के दावें को खारिज करने में लग गयी हैं। बता दे कि राज्य की ATS का दावा है कि हत्याकांड की घटना में संलिप्त आरोपी पाकिस्तान के 2 नागरिकों के संपर्क में थे। और ये आरोपी हत्या का वीडियो पाकिस्तान के कुछ वॉट्सऐप ग्रुप में भी शेयर किये थे और इसके साथ हीं यह भी लिखा गया था कि जो ऑर्डर मिला था,पूरा किया।

वहीं,ATS ने नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) के उन दावों पर भी सवाल उठाए हैं। जिसमें कि NIA ने इस घटना में आतंकी संगठनों का हाथ नहीं होना बताया है,हालांकि जांच अभी प्रारंभिक स्तर पर है,इसलिये जल्दबाजी में किसी नतीजे पर पहुंचना उचित नहीं है।

इसी कड़ी में एक और हड़कंप मचाने वाला दावा सामने आया है जिसमें कहा जा रहा है कि इस घटना का एक CCTV फुटेज सामने आया जिसमें आरोपी गौस मोहम्मद और रियाज जब्बार एक बाइक से भागते दिख रहे हैं। इस बाइक का नंबर 2611 है। यह वही तारीख (26-11-2006) है जिस दिन मुंबई में आतंकी हमला हुआ था। फुटेज में साफ नजर आ रहा है कि हत्या की जानकारी मिलने के बाद मार्केट में हड़कंप मच गया था। दुकानें बंद होने लगी थीं।

उधर,राज्य की SIT जांच में यह सामने आया है कि हत्यारों ने अपनी बाइक स्टार्ट रखी थी,ताकि मर्डर के बाद वे तत्काल वहां से भाग सकें। फिलहाल,उदयपुर जिला अदालत ने अब यह केस NIA को ट्रांसफर कर दिया है। इसके लिए NIA ने ही अर्जी लगाई थी।

वही,केस ट्रांसफर होने के बाद NIA को आरोपियों की कस्टडी मिलने की संभावना बढ़ गई है। जहां कोर्ट से रिमांड मिलने के बाद NIA दोनों से पूछताछ करेगी। इस बीच, हत्यारे गौस मोहम्मद और रियाज जब्बा को उदयपुर से अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में शिफ्ट कर दिया गया है।

इधर, जांच की कड़ी में NIA की टीम गुरुवार रात कानपुर पहुंची और कई जगहों पर छापेमारी की। दरअसल,हत्यारों के पास से बरामद दस्तावेज से कानपुर कनेक्शन के बाद यह कार्रवाई हुई है। इधर, शुक्रवार को चौथे दिन भी राजस्थान में इंटरनेट बंद है। हिंसा न हो इसके लिए धारा 144 भी लगी हुई है।

फिलहाल,पूरे घटनाक्रम में राज्य की ऐजेंसियों की प्रारंभिक जांच में यह साफ हो गया है कि इस घटना की साजिश पाकिस्तान में हीं रची गई थी और इस घटना के माध्यम से पूरे भारत में दहशत मचाने व माहौल खराब करने की बड़ी साजिश रची गई थी,चूंकि अब यह केस केंद्रीय जांच ऐजेंसी NIA को ट्रांसफ़र हो गई है और NIA अभी इस घटना को पाक प्रायोजित मानकर नहीं चल रही है लेकिन पाकिस्तानी साजिश की संभावना को केंद्रीय ऐजेंसी नकार भी नहीं रही है। अब ऐसे में जल्द किसी निर्णय पर पहुंच जाना कतई उचित नहीं है।

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