इन्वेस्टिगेटिव रिपोर्ट

“सीक्रेट ऑपरेशन” का हड़कंप मचाने वाला बड़ा दावा, CIA,मोसाद की आंखों में धूल झोंककर ईरान ने बहुत पहले ही पूरा किया अपना परमाणु परीक्षण – चंद्रकांत मिश्र (एडिटर इन चीफ)


सांकेतिक तस्वीर।

तेहरान। पिछले कई दशकों से अमेरिकी इंटेलीजेंस ऐजेंसियां मोसाद और अन्य कई देशों की खुफिया ऐजेंसियों के साथ ईरान के उपर इस आशय से बेहद बारीकी के साथ नजर रख रही है कि कहीं ईरान परमाणु हथियार संपन्न देश न बन जाये,इस पूरे आॅपरेशन को इजराइली ऐजेंसी मोसाद बेहद गंभीरता से देख रही है। क्योंकि, ईरान के इस हथियार से यदि सबसे ज्यादा किसी देश को खतरा है तो वह है इजरायल को, शायद यही कारण है कि इजरायल अक्सर ईरान के परमाणु वैज्ञानिको के साथ-साथ इस मिशन से जुड़े अन्य सभी ईरानी सैन्य अधिकारियों को भी स्पेशल आपरेशन के तहत ढेर करता रहा है।

जहां इस दौरान सीक्रेट ऑपरेशन न्यूज पोर्टल समूह ने ईरान के परमाणु परीक्षण के संबंध में कई तरह से जांच किया जहां तमाम तथ्यों व अन्य संबंधित कई रिपोर्ट्स के आधार पर यह पूरी जिम्मेदारी के साथ पूरी दुनिया को सूचित करता है कि जिस बात से इजरायल और अमेरिका सहित पूरी दुनिया को डर था उसे ईरान कबका पूरा कर चुका है यानि ईरान बहुत पहले ही परमाणु परीक्षण करके परमाणु हथियार संपन्न राष्ट्र बन चुका है,हालांकि इस संबंध में और भी रिपोर्ट अभी भी लंबित है मसलन यह परीक्षण कब और कहां हुआ है ? बता दे इस संबंध में हमारी आगे की जांच अभी भी जारी है।

यही कारण है कि ईरान जब परमाणु संपन्न हुआ तभी बीते साल के 7 अक्टूबर को इजरायल के उपर हमास ने हमला बोला,जहां बाद में ईरान के ईशारे पर खाड़ी के कई मिलिशिया गुटों ने एक साथ संयुक्त रूप से इस जंग में हिस्सा लिया। यानि 7 अक्टूबर का हमला ऐसे ही नहीं हुआ है, इसकी पूरी प्लानिंग तेहरान ने बेहद गोपनीय तरीके से किया था। यानि ईरान ने वो कर दिया जिसका कि CIA,मोसाद समेत इनके सभी देशों की सहयोगी ऐजेंसियों ने कभी सपने में भी कल्पना नहीं किया था।

उल्लेखनीय हैं कि “सीक्रेट ऑपरेशन” न्यूज पोर्टल समूह ने आज तक दर्जनों ऐसे दावें किया है जो कि आज तक सौ फीसदी सच साबित हुआ है, जिसकी पुष्टि 5 दिसंबर 2023 के इन्वेस्टिगेटिव रिपोर्ट के कॉलम में “सीक्रेट ऑपरेशन” ने कर रखा है। जहां इसी क्रम में ईरान का परमाणु परीक्षण भी टाप सीक्रेट लेवल पर भी हो गया और पूरी दुनिया अभी भी अनजान है, इतना ही नहीं इस परीक्षण को इजरायल के तर्ज पर हीं ईरान ने अभी तक गुप्त हीं रखा हुआ है। बता दे कि इजरायल भी परमाणु संपन्न देश माना जाता है लेकिन इसका खंडन या समर्थन इजरायल ने कभी नहीं किया है। ठीक इसी नीति का पालन तेहरान भी कर रहा है।

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