एक्सक्लूसिव रिपोर्ट

ताइवान के खिलाफ चीनी सेना के ड्रिल को काउंटर करने के लिए अमेरिकी नेवी भी भारत सहित कुल 26 देशों के साथ प्रशांत महासागर में शुरू की दुनिया की सबसे बड़ी नेवल ड्रिल, तीसरे विश्वयुद्ध की बढ़ी आशंका – चंद्रकांत मिश्र/हेमंत सिंह


चीनी युद्धपोत, फाईल फोटो, साभार -(सोशल मीडिया)

वाशिंग्टन/बीजिंग/ताइपे। नैंसी पेलोसी की ताइवान यात्रा से बौखलाया चीन ताइवान को घेरने के लिए एक बड़ी मिलिट्री एक्सरसाइज में जुटा हुआ हैं। इतना ही नहीं वह ताइवान और अमेरिका को गंभीर परिणाम भुगतने की लगातार धमकी भी दे रहा है। वहीं,चीन के इस हरकत को काउंटर करने के लिए प्रशांत महासागर में अमेरिकी नौसेना के लीडरशिप में दुनिया की सबसे बड़ी नेवल एक्सरसाइज चल रही है। जिसमें भारत सहित कुल 26 देशों की नौसेना शामिल हैं।


सांकेतिक तस्वीर।

दरअसल,नैंसी की ताइपे विजिट से एकदम सा बोखलाया हुआ है चीन,जहां इस दौरान ताइवान के मुख्य बंदरगाह और शिपिंग-लेन्स को ब्लॉक करने के इरादे से PLA की ईस्टर्न थियेटर कमांड ने ताइवान के आसपास दक्षिण चीन सागर में एक बड़ी मिलिट्री-एक्सरसाइज शुरू कर दी है। या यूं कहिये कि चीनी सेना एक तरह से ड्रिल के बहाने ताइवान की घेराबंदी शुरू कर दी है। हालांकि चीन ने एक तस्वीर जारी करते हुए दावा किया है कि ताइवान को समंदर में 6 तरफ से घेरकर चीनी सेना ड्रिल कर रही है। चूंकि,समंदर में ड्रिल के चलते किसी भी दूसरे देश के विमानों की उड़ान ताइवान से सटे समंदर में बेहद मुश्किल हो सकती है। लेकिन चीन के इस हरकत को काउंटर करने के लिए इस वक्त प्रशांत महासागर में अमेरिका की इंडो-पैसेफिक कमान के लीडरशिप में दुनिया की सबसे बड़ी नेवल ड्रिल चल रही है। हालांकि इस ड्रिल को रूटिन एक्सरसाइज का हिस्सा बताया जा रहा है। जो कि पिछले 40 सालों से हर दो साल में प्रशांत महासागर में होती चली आ आई है,जिसमें अमेरिकी और अमेरिका के मित्र-राष्ट्रों की नौसेनाएं हिस्सा लेती हैं। लेकिन ताइवान को लेकर अमेरिका और चीन के बीच जो अचानक तनातनी बढ़ गई है तो अब ऐसे में इस ड्रिल को सामान्य या रूटिन समझने में कठिनाई हो रही है। इसीलिए इसे काउंटर ड्रिल के रूप में समझा जा रहा है।

जहां इस ड्रिल में भारत,अमेरिका सहित दुनिया के कुल 26 देशों की नौसेनाएं शामिल हैं,यहीं नहीं इस ड्रिल आॅपरेशन में अमेरिका के सेवंथ-फ्लीट के सबसे बड़े एयरक्राफ्ट कैरियर में से एक,यूएसएस अब्राहम लिंकन सहित कुल 38 युद्धपोत, तीन पनडुब्बियां,30 से ज्यादा यूएवी,170 मिलिट्री एयरक्राफ्ट और 25 हजार सैनिक भी हिस्सा ले रहे हैं।

इस ड्रिल आॅपरेशन में 11 देश एशिया के हैं,पांच यूरोप के हैं,चार दक्षिण अमेरिका के हैं,तीन उत्तरी अमेरिका और तीन देश ओसेनिया के हैं। वहीं प्रमुख देशों में अमेरिका, आस्ट्रेलिया,कनाडा,फ्रांस,जर्मनी,यूनाईट किंगडम,जापान, दक्षिण कोरिया,इंडोनेशिया,मलेशिया,न्यूजीलैंड,फिलीपींस, थाईलैंड,मैक्सिको और पेरू भी शामिल हैं। वहीं,भारतीय नौसेना का एक गाईडेड मिसाइल फ्रीगेट (युद्धपोत) आईएनएस सतपुड़ा और टोही विमान पी8आई हिस्सा ले रहे हैं।

फिलहाल,नैंसी की ताइपे विजिट को पूरा सिक्योर करते हुए अमेरिका ने बीजिंग को एक तरह से खुली चुनौती दे दिया,अब ऐसे में चीन बिल्कुल हीं बौखला गया है। इसीलिए चीन ने ताइवान को टारगेट करते हुए उसे 6 तरफ से घेरकर ड्रिल शुरू कर दिया है। तो वही अमेरिका भी प्रशांत महासागर में भारत सहित कुल 26 देशों के साथ दुनिया की सबसे बड़ी नेवल ड्रिल शुरू कर दिया है। अब ऐसे में अमेरिका के इस कार्यवाही को चीन के खिलाफ काउंटर के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि बढ़ते तनाव के बीच विशेषज्ञों का मानना है कि हालात यदि जल्द काबू में नहीं आते तो तीसरे विश्वयुद्ध की आशंका को इंकार नहीं किया जा सकता।

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