एक्सक्लूसिव रिपोर्ट

केंद्रीय खुफिया ऐजेंसियों के द्वारा जारी इनपुट के आधार अतिरिक्त सतर्कता के चलते घाटी से पहले से ही वांटेड दो आतंकियों को किया गया गिरफ्तार, मुख्य आतंकी की तलाश अभी भी है जारी – विजयशंकर दूबे/राजेंद्र दूबे


सांकेतिक तस्वीर।

श्रीनगर। देश की स्वतंत्रता दिवस को लेकर हाल ही में भारतीय खुफिया ऐजेंसियों के हवाले से जारी किये गये आतंकी हमलें की इनपुट पर जहां देश की सभी सुरक्षा ऐजेंसियां अतिरिक्त निगरानी बढ़ा दी है तो वही जम्मू-कश्मीर पुलिस ने रामबन जिले में पुलिस चौकी पर विस्फोट करने के मामले में दो आतंकियों को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। गिरफ्तार किये गये आतंकियों की पहचान वार्ड नंबर 4 के शाह दीन पडियार और महाकुंड के मोहम्मद फारूक के रूप में हुई है। वहीं,एसपी मोहिता शर्मा ने कहा कि पूछताछ में इन आतंकियों ने हमले को अंजाम देने की बात कबूल कर ली है।

बताया जा रहा है कि पूछताछ के दौरान मोहम्मद फारूक ने एक व्यक्ति से 50,000 रुपये लेने की बात स्वीकार की, जिसने उसे इलाके में पुलिस और सुरक्षा बलों पर हमला करने का काम दिया था। उन्होंने यह भी बताया कि फारूक को पैसे देने वाले व्यक्ति की पहचान अभी नहीं हो पाई है। बता दे कि फारूक के पास से उसके मोबाइल फोन की दो सिम के अलावा तीन अन्य सिम कार्ड भी मिले हैं।

इन आतंकियों से पूछताछ के बाद पुलिस की इलेक्ट्रॉनिक निगरानी टीम इन पांच सिम कार्डों और मोबाइल फोन के सभी डेटा को खंगालने का काम कर रही है। इन दोनों आतंकवादियों पर गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया है।

गौरतलब है कि गुल इलाके के इंड गांव स्थित पुलिस चौकी पर दो अगस्त को अज्ञात आतंकवादियों ने विस्फोटक फेंका था,जिसमें दो पुलिसकर्मी मामूली रूप से घायल हो गए थे। इस इलाके में बीते एक दशक में इस तरह की यह पहली घटना थी,जबकि इस इलाके को बहुत पहले ही आतंकवाद मुक्त घोषित किया जा चुका था।

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