इन्वेस्टिगेटिव रिपोर्ट

यूरोपीय देशों की खुफिया ऐजेंसियों ने किया चौंकाने वाला बड़ा खुलासा, कहां प्रतिबंधित समुद्री रास्तों से चुपके से रूस सैन्य संसाधनों की ले रहा है आपूर्ति – चंद्रकांत मिश्र/राकेश पांडेय


सांकेतिक तस्वीर।

मास्को/लंदन। रूस-यूक्रेन के बीच पिछले 6 महिने से जारी जंग के बीच अब यूरोपीय देशों की खुफिया ऐजेंसियों के हवाले से बेहद चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है। जिसमें यह दावा किया गया है कि रूस अब यूक्रेन पर अपना हमला जारी रखने के लिए दूसरे देशों से हथियार खरीद रहा है। दरअसल,खुलासे में कहा गया है कि एक व्यापारी जहाज को पिछले महीने के अंत में सीरिया से रूस जाते हुए देखा गया था।

बता दे इस जहाज का नाम स्पार्टा II बताया जा रहा है। जो कि अमेरिका द्वारा पहले से ही प्रतिबंधित है। और यह सीरिया से रूस जाते वक्त तुर्की के बोस्फोरस जलडमरूमध्य से गुजरा था। चूंकि,स्पार्टा II पर नजर रखने वाले यूरोपीय खुफिया ऐजेंसियों का मानना है कि यूक्रेन में आगे तक जंग जारी रखने के लिए इससे सैन्य वाहनों को रूस ले जाया गया था। जो कि यह जहाज सीरिया से होते हुए काला सागर में स्थित रूस के नोवोरोसिस्क बंदरगाह पर भी गया था।

दरअसल,यूक्रेन के खिलाफ जबसे रूसी सेना ने युद्ध छेड़ा है उसके बाद से ही अमेरिका और पश्चिमी देशों ने रूस पर कड़े प्रतिबंध लगाए हैं। जहां इन प्रतिबंधों के चलते रूस हथियारों की सप्लाई को आसानी से पूरा नहीं कर पा रहा है। हालांकि इस बीच यूक्रेन को अपनी रक्षा के लिए अमेरिका और यूरोप से अरबों डॉलर के हथियार मिले हैं। वहीं रूस को अग्रिम मोर्चों पर तैनात अपने सैनिकों को सपोर्ट करने के लिए अपने खुद के संसाधनों पर निर्भर होना पड़ा है। इससे साफ हो गया है कि रूस सैन्य संसाधनों को काला सागर में ले जाने के लिए व्यापारी जहाजों का इस्तेमाल कर रहा है।

चूंकि,इस खुलासे में खुफिया अधिकारियों और ब्लूमबर्ग ने बीते 17 से 25 जुलाई की सेटेलाइट तस्वीरों का गहन विश्लेषण किया था,जिसमें यह पाया गया कि स्पार्टा II निश्चित रूप से सीरिया के टार्टस बंदरगाह से सैन्य वाहनों को लाया था। बता दें कि टार्टस बंदरगाह रूस के नियंत्रण में है। हालांकि यूरोपीय ऐजेंसियों ने यह साफ करने में असमर्थता जताई कि जहाज में किस प्रकार को वाहन थे ? लेकिन जहाज को सीरिया में देखा गया था जिसमें वाहन भरे हुए थे। और इस जहाज ने सीरिया से होते हुए तुर्की के रास्ते रूस तक का सफर तय किया था। लेकिन इतना जरूर तय है कि इसमें कम से कम सैन्य 11 वाहन थे।

वहीं,समुद्री ट्रैकिंग डेटा के हवाले से यह भी साफ हो गया है कि जहाज को कोई और नहीं बल्कि रूसी रक्षा मंत्रालय कंट्रोल करता है। हालांकि इसमें चौंकाने वाली बात यह है कि जहाज तुर्की से होकर गुजरा जोकि खुद एक नाटों सदस्य देश है।

जबकि,तुर्की ने 24 फरवरी को पुतिन के आक्रमण के तुरंत बाद युद्धपोतों के वास्ते अपने जलडमरूमध्य को बंद करने के लिए मॉन्ट्रो कन्वेंशन का हवाला दिया था। बताते चले कि मॉन्ट्रो कन्वेंशन एक अंतर्राष्ट्रीय संधि है जो तुर्की के बोस्पोरस और डार्डानेल्स जलडमरूमध्य को नियंत्रित करती है। हालांकि इससे कॉमर्शियल शिप गुजर सकते हैं। मामले से परिचित लोगों के अनुसार,रूस ने इस साल अन्य मौकों पर भी उसी मार्ग पर कंपनी,ओबोरोनोलॉजिस्टिका से मालवाहक जहाजों का इस्तेमाल किया था। इसने अतीत में भी रूस से सीरिया के लिए कई बार सैन्य माल की ढुलाई भी की है।

खुलासे के बाद अमेरिका ने इस मामले पर तुर्की से सवाल किया है। जहां तुर्की ने सफाई देते हुए यह कहा कि एक व्यापारी जहाज की जांच केवल तभी की जाएगी जब कोई गुप्त सूचना या गलत काम करने का संदेह हो। अब इस पूरे घटनाक्रम पर अमेरिका आगे क्या निर्णय लेता है ? यह अभी साफ नही है।

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