
सांकेतिक तस्वीर।
श्रीनगर/राजौरी। अभी एक दिन पहले ही घाटी के बडगाम में 3 आतंकियों को को ढेर करने के ही साथ पुलवामा में 25 से 30 किलोग्राम तक घातक विस्फोटक बरामद किया गया था। जहां इन दोनों घटनाओं को एक साथ जोड़कर जांच शुरु हीं हुई थी कि बीती रात में जम्मू-कश्मीर मे राजौरी के आर्मी कैंप में घुसने की कोशिश में कुछ आतंकियों के साथ भारतीय सुरक्षाबलों की मुठभेड़ हो गई,जिसमें दो आतंकियों के मारे जाने की रिपोर्ट सामने आ रही है। वहीं शूट आऊट के दौरान इंडियन आर्मी के तीन जवान जिनमें सूबेदार राजेंद्र प्रसाद,राइफलमैन मनोज कुमार और राइफलमैन लक्ष्मणन डी के शहीद होने की भी खबर है। यही नहीं सेना के 5 जवान भी जख्मी हुए हैं।
दरअसल,परगल कैंप राजौरी से 25 किमी की दूर है। जहां 11 राष्ट्रीय राइफल के हवाले से दावा किया गया कि आर्मी कैंप पर यह आत्मघाती हमला है। हालांकि, हमले में कितने आतंकी शामिल थे इसका पता नहीं चल पाया है। वहीं,इलाके में सर्च ऑपरेशन जारी है।
उधर,जम्मू जोन के ADGP मुकेश सिंह के द्वारा बताया गया है कि ‘राजौरी के दरहाल इलाके परगल स्थित सेना कैंप की बाड़ किसी ने पार करने की कोशिश की थी,इस दौरान दोनों ओर से गोलियां चलीं।’ जहां दारहल थाने से छह किलोमीटर दूर तक अतिरिक्त दल भेजे गए हैं।
जबकि एक दिन पहले,यानी बुधवार को जम्मू-कश्मीर में बडगाम जिले के वाटरहेल इलाके में सुरक्षाबलों ने लश्कर-ए-तैयबा के 3 आतंकियों को मार गिराया। मारे गए आतंकियों में से एक लतीफ राथर था,जो कि कश्मीरी पंडित राहुल भट, अमरीन भट सहित कई नागरिकों की हत्या में शामिल था। इतना ही नहीं उसी दौरान पुलवामा में भी सर्च के बीच 25 से 30 किलोग्राम तक घातक विस्फोटक भी बरामद किया गया था। जहां इन दोनों घटनाओं को एक साथ जोड़कर जांच चल ही रही थी कि उसी दिन के देर रात में यह एंकाऊंटर हो गया जिसमें दो आतंकियों के मारे जाने के साथ ही भारतीय सेना के 3 जवानो के भी शहीद होने की रिपोर्ट सामने आई है और 5 अन्य जवानों के घायल होने की भी खबर है। अब ऐसे में साफ संकेत मिल रहा है कि घाटी में दुश्मन की तरफ से किसी बड़ी मूवमैंट की तैयारी है जिसे क्रमवार तरीके से पुख्ता इंटल इनपुट के आधार पर भारतीय सेना नष्ट करते हुए आगे बढ़ रही है।
