
सांकेतिक तस्वीर।
बीजिंग/ताइपे। चीन और ताइवान के बीच जारी भीषण तनातनी के दौरान एक बार फिर चीन के पचासों फाइटेर प्लेन ताइवान के एअरस्पेस में घुसपैठ की घटना को अंजाम दिये है। शुक्रवार को ताइवानी अधिकारियों ने दावा किया कि 51 चीनी युद्धपोतों, 6 वॉरशिप्स और 25 चीनी लड़ाकू बमवर्षक ने एयर डिफेंस आइडेंटिफिकेशन जोन (ADIZ) को तोड़ दिया। अधिकारियों ने कहा कि इन चीनी विमानों ने देश के पूर्व इलाके के ऊपर से उड़ान भरी है।
दरअसल,ताइवान की सीमा के पास से जिन 25 युद्धक विमानों ने उड़ान भरी,उनमें 12 सुखोई एसयू -30 लड़ाकू जेट, 6 शेनयांग जे-16 लड़ाकू जेट, 4 चेंगदू जे-10 लड़ाकू जेट, 2 जियान एच-6 बमवर्षक और एक शानक्सी Y-8 इलेक्ट्रॉनिक युद्धक विमान शामिल हैं। वहीं, ताइवान की ओर से इसे लेकर रेडियो वार्निंग जारी की गई। साथ ही घुसपैठ पर नजर रखने के लिए वायु रक्षा मिसाइल प्रणाली को अलर्ट कर दिया गया।
चूंकि,ताइवान स्वशासित द्वीप पर चीन के राजनीतिक नियंत्रण को स्वीकार करने के लिए बीजिंग के दबाव का विरोध करता रहा है। अभी कुछ दिनों पहले ही चीनी जहाजों और विमानों की ओर से ताइवान के समुद्री और हवाई क्षेत्र में मिसाइलें दागी गई थीं।
वहीं,ताइवान के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता सुन ली-फेंग ने कहा है कि हम ताइवान के समुद्री और हवाई क्षेत्रों के आसपास कम्युनिस्ट चीन के लगातार सैन्य उकसावे की कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हैं,जो क्षेत्रीय शांति को प्रभावित करता है। उन्होंने आगे यह भी कहा कि कम्युनिस्ट चीन के सैन्य अभियान हमें युद्ध के लिए तैयारी के प्रशिक्षण का अवसर प्रदान करते हैं। फिलहाल,ताइवान की सेना भी ड्रिल पर है और पूरी तरह से अलर्ट पर भी है। हालांकि, अमेरिका सहित दुनिया भर के तमाम मित्र देश ताइवान के साथ पूरी प्रतिबद्धता के साथ खड़े है,इसीलिए चीन अभी तक ताइवान को सिर्फ गीदड़ भभकी ही दे रहा है क्योंकि उसे पता है कि यदि युद्ध छिड़ा तो परिणाम क्या होगा ? और इसका ताजा और जीता-जागता नमूना रूस-यूक्रेन जंग है।
