
अल जवाहिरी फाईल फोटो,साभार-(सोशल मीडिया)
काबुल। आतंकी संगठन अल-कायदा के चीफ “अल जवाहिरी” की मौत पर अब तालिबान ने सवाल खड़ा कर दिया है। तालिबान का कहना है कि उन्हें अब तक जवाहिरी का शव नहीं मिला है। जबकि,इसके पहले ही अमेरिका की तरफ से साफ किया जा चुका है कि उसके एक आॅपरेशन में जवाहिरी मारा जा चुका है।
दरअसल,10 साल पहले जब ओसामा बिन लादेन को अमेरिकी सील कमांडों ने एक स्ट्राइक के दौरान उसे मार गिराया था तो उस समय अमेरिका ने उसकी मौत की पुष्टि के लिए उसका DNA टेस्ट कराया था। जबकि जवाहिरी के मामले में ऐसा नहीं किया गया। बता दे कि आतंकी संगठन अल कायदा का चीफ जवाहिरी बीते 1 अगस्त को काबुल में अमेरिकी ड्रोन स्ट्राइक में मारा गया था।
बता दे कि तालिबान हुकूमत का कहना है कि जिस घर पर अमेरिका ने ड्रोन स्टाइक की,वो खाली था। वहां कोई नहीं रहता था। इस बात की पुष्टि नहीं हो सकी है कि हमले के दौरान जवाहिरी उसी घर में था। इसीलिए तालिबान ने जवाहिरी का शव मांगा है।
वहीं,व्हाइट हाउस के प्रवक्ता जॉन किर्बी के हवाले से यह साफ कर दिया गया कि हमें किसी कन्फर्मेशन की जरूरत नहीं है। हमारे कई सोर्स उसके मारे जाने की पुष्टि कर चुके हैं। हमारी एजेंसियों ने कई मेथड्स इस्तेमाल किए। इसलिए DNA की भी जरूरत नहीं है। अब अफगानिस्तान में अल-कायदा का कोई और सरगना नहीं बचा।
गौरतलब है कि जवाहिरी पर हमला अफगानिस्तान के समयानुसार 1 अगस्त यानी रविवार सुबह 6 बजकर 18 मिनट पर किया गया। उस वक्त अमेरिका में शनिवार की रात के 9 बजकर 48 मिनट का समय था। साफ कर दे कि अमेरिकी एजेंसियां काबुल में उसका पिछले 6 महीने से लगातार पीछा कर रही थीं। चूंकि 9/11 हमले में लादेन के साथ-साथ जवाहिरी भी आरोपी था। इसीलिए अमेरिकी ऐजेंसियां इसके पीछे लगी हुई थी जबकि लादेन को दस पहले ही अमेरिकी सील कमांडों ने एक आॅपरेशन दौरान उसे पाकिस्तान के एबटाबाद में ढेर कर दिया था।
