
सांकेतिक तस्वीर।
इस्लामाबाद। पाकिस्तान में जारी सियासी तूफान के बीच एक और हड़कंप मचाने वाली रिपोर्ट सामने आई है, जिसको लेकर पाक PM अपने ही देश में घिर गए हैं। बता दे कि रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ पिछले दिनों कतर की राजधानी दोहा के एयरपोर्ट पर एक प्लेन में इजराइल के कुछ अफसरों से मुलाकात की है। वहीं अब इमरान खान सरकार में मंत्री रहीं शिरीन मजारी ने पाक विदेश मंत्रालय और शहबाज से इस मामले में सफाई मांगी है। हालांकि शहबाज शरीफ और पाक विदेश मंत्रालय से अभी तक इस पर कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
बता दे कि पाकिस्तान अब तक इजराइल को मान्यता नहीं दिया है। यही नहीं पाकिस्तानी पासपोर्ट साफ लिखा रहता है कि यह इजरायल के लिए वैध नहीं है। इसके पहले पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री रहे इमरान खान ने भी खुलासा किया था कि उन पर भी इजराइल को मान्यता देने के लिए भारी दबाव डाला गया था।
दरअसल,एक रिपोर्ट्स में यह बताया गया कि मंगलवार को पाकिस्तानी प्रधानमंत्री दुबई पहुंचे और यहां उनके एयरक्राफ्ट के ठीक बगल में इजराइली खुफिया एजेंसी मोसाद का एयरक्राफ्ट कुछ घंटे बाद आकर खड़ा हो गया। मोसाद का यह स्पेशल मिशन जेट था। इसका नंबर n467am था। और यह दोहा एयरपोर्ट पर करीब 9 घंटे रुका रहा।
जहां पाक PM शहबाज और मोसाद के एयरक्राफ्ट एक-दूसरे के बगल में 9 घंटे खड़े रहे। इसी खुलासे के बाद शिरीन हमलावर हो गई और उन्होंने पूछा कि हमें यह बताया जाए कि यह महज इत्तेफाक था या कुछ और? क्या शहबाज या उनके अफसरों ने एयरक्राफ्ट में मोसाद के अफसरों से सीक्रेट मुलाकात की। क्या ये इसलिए किया गया ताकि मीडिया की नजरों में यह मामला न आ जाए?
इसी मुद्दे को लेकर शिरीन ने इस मामले पर आगे भी लिखा कि मैं जो दावा कर रही हूं वो ओपन सोर्स के बेस पर है। प्लेन ट्रैकिंग वेबसाइट्स पर भी इसका डेटा मौजूद है। अगर मेरे आरोप गलत हैं तो शहबाज शरीफ या विदेश मंत्रालय को इनका खंडन करना चाहिए। क्या अमेरिका ने हमारी सरकार अपने इसी एजेंडा (इजराइल को मान्यता दिलाने) को पूरा करने के लिए गिराई।
चूंकि,शहबाज इसी हफ्ते मंगलवार और बुधवार को कतर दौरे पर गए थे। उनके साथ पाकिस्तानी सेना कुछ बड़े अफसर भी शामिल थे। जहां कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि कतर में होने वाले फुटबॉल वर्ल्ड कप में पाकिस्तान की फौज सिक्योरिटी असिस्टेंस देगी। हालांकि,अब तक कतर ने कुछ नहीं कहा है।
गौरतलब है कि खाड़ी देशों में तमाम ऐसे देश है जो कि फिलिस्तीन के मुद्दे को लेकर इजरायल को अभी तक मान्यता नहीं दिये है जिनमे प्रमुख रूप से पाकिस्तान भी शामिल है। लेकिन अब पर्दे के पीछे से पाकिस्तान और इजरायल के बीच बातचीत चल रही है जिसकी रिपोर्ट समय-समय पर सामने आते रही है। बता दे कि इससे पहले भी पाकिस्तान के कई वरिष्ठ सैन्य अधिकारी भी कई मौकों पर इजरायल के साथ बातचीत का समर्थन कर चुके हैं।
